नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को प्रभावी तरीके से रोकने लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार को नोएडा, मुम्बई और कोलकाता में उच्च क्षमता वाली कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं का शुभारंभ करेंगे, जिससे देश में परीक्षण करने की क्षमता बढ़ेगी, बीमारी की शुरुआती पहचान हो सकेगी और समय रहते उपचार करने में तेजी आएगी.Also Read - Haryana में छूट के साथ 10 फरवरी तक बढ़ाई गईं कोरोना पाबंदियां, अब इस समय तक खुल सकेंगी दुकानें

प्रधानमंत्री कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल रहेंगी. Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र में कब खुलेंगे पर्यटन स्थल? मंत्री आदित्य ठाकरे ने दिया बड़ा अपडेट

बयान में कहा गया, ”इन सुविधाओं से देश में परीक्षण करने की क्षमता बढ़ेगी और इनसे बीमारी की शुरुआती पहचान और समय रहते उपचार करने में तेजी आएगी. इस प्रकार इन सुविधाओं से कोरोना महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी.” Also Read - UP Election 2022: अमित शाह की जाट नेताओं से मीटिंग, BJP सांसद के प्रस्‍ताव पर जयंत चौधरी ने दिया जवाब

इन तीन उच्च क्षमता वाली परीक्षण सुविधाओं को रणनीतिक तौर पर आईसीएमआर- राष्ट्रीय कैंसर निवारण एवं अनुसंधान संस्थान, नोएडा, आईसीएमआर- राष्ट्रीय प्रजननीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान, मुंबई और आईसीएमआर- राष्ट्रीय हैजा एवं आंत्र बीमारी संस्थान, कोलकाता में स्थापित किया गया है जो हर रोज 10,000 से अधिक नमूनों का परीक्षण करने में सक्षम हैं.

इन सुविधाओं से युक्त प्रयोगशालाओं से संक्रामक नैदानिक ​सामग्री से स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने और उनके प्रतिवर्तन काल (टर्नअराउंड टाइम) को कम करने में मदद मिलेगी.

इन प्रयोगशालाओं में कोविड के अलावा अन्य बीमारियों का भी परीक्षण हो सकेगा और महामारी खत्म होने के बाद हेपेटाइटिस बी एवं सी, एचआईवी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, साइटोमेगालोवायरस, क्लैमाइडिया,नीसेरिया,डेंगू इत्यादि बीमारियों के लिए भी परीक्षण कार्य होगा.