Netaji Subhash Chandra Bose: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose Birth Anniversary) की 125वीं जयंती के अवसर पर इंडिया गेट (India Gate) पर नेता जी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करेंगे. प्रधानमंत्री यह अनावरण शाम 6 बजे करेंगे. पीएम मोदी ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि वह देश के महान सपूत सुभाषचंद्र बोस के प्रति आभार के प्रतीक के रूप में इंडिया गेट पर उनकी ग्रेनाइट की एक प्रतिमा लगाई जाएगी, उन्होंने कहा था कि जब तक नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक उस जगह पर उनकी एक होलोग्राम प्रतिमा लगाई जाएगी.Also Read - जापान जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, QUAD समिट में लेंगे हिस्सा, PM मोदी से भी करेंगे मुलाकात | Watch video

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा 28 फुट ऊंची और छह फुट चौड़ी होगी और यह उस मंडप में स्थापित की जाएगी जहां कभी किंग जॉर्ज फिफ्त की प्रतिमा थी, जिसे 1968 में हटा दिया गया था. अमर जवान ज्योति की लौ को राष्ट्रीय समर स्मारक पर जल रही लौ के साथ विलय किए जाने को लेकर हो रही आलोचनाओं के मद्देनजर सरकार का बचाव करते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अमर जवान ज्‍योति बुझाई नहीं जा रही है बल्कि उसका राष्‍ट्रीय समर स्‍मारक पर प्रज्‍जवलित ज्‍योति के साथ विलय किया जा रहा है. Also Read - ज्ञानवापी मुद्दे के बीच शिवलिंग पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर डीयू के प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज

सुभाष चंद्र बोस की जयंती

खून के बदले आजादी देने का वादा करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा है. 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में एक संपन्न बांग्ला परिवार में जन्मे सुभाष अपने देश के लिए हर हाल में आजादी चाहते थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के नाम कर दिया और अंतिम सांस तक देश की आजादी के लिए संघर्ष करते रहे. ‘नेताजी’ हर कीमत पर मां भारती को आजादी की बेड़ियों से मुक्त कराने को आतुर देश के उग्र विचारधारा वाले युवा वर्ग का चेहरा माने जाते थे. वह कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे. देश की स्वतंत्रता के इतिहास के महानायक बोस का जीवन और उनकी मृत्यु भले ही रहस्यमय मानी जाती रही हो, लेकिन उनकी देशभक्ति सदा सर्वदा असंदिग्ध और अनुकरणीय रही. Also Read - वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु हो जाएं सावधान, ऐसे हो सकता है नुकसान

कौन बनाएगा मूर्ति

नेता जी की प्रतिमा निर्माण की जिम्मेदारी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के महानिदेशक अद्वैत गडनायक को सौंपी गई है. गडनायक ने नेताजी की प्रतिमा बनाने का मौका मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की. गडनायक ने कहा कि मैं खुश हूं, बतौर मूर्तिकार मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री ने मुझे यह जिम्मेदारी देने के लिए चुना. उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा रायसीना हिल से आसानी से नजर आएगी और इस प्रतिमा के लिए पत्थर तेलंगाना से लाया जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा का डिजायन संस्कृति मंत्रालय ने तैयार किया है. गडनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के साथ ही प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यह प्रतिमा नेताजी के मजबूत किरदार का दर्शन कराएगी.