नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटेन की एक अदालत द्वारा भगोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के दौरान भारतीय जेलों पर ध्यान केंद्रित करने को लेकर अपनी अप्रसन्नता ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा के समक्ष जताई है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह जानकारी दी है. संवाददाता सम्मेलन में सुषमा ने कहा कि पीएम मोदी ने टेरीजा मे से कहा कि इन्हीं जेलों में आजादी के समय भारतीय नेताओं को रखा गया था. Also Read - कोरोना संकट पर PM मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक में जानें किन-किन मुद्दों पर हुई बात

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सुषमा स्वराज ने बताया कि पीएम मोदी ने पिछले महीने लंदन में टेरीजा के साथ अपनी बैठक में उनसे यह कहा कि अदालतों द्वारा भारतीय जेलों के बारे में ध्यान केंद्रित करना ठीक नहीं है, क्योंकि ब्रिटिश लोगों ने खुद महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अन्य भारतीय नेताओं को इन जेलों में रखा था. सुषमा ने संवाददाता सम्मेलन में इस मुद्दे पर कहा कि यह वहीं जेलें हैं जहां आपने (ब्रिटिश लोगों ने) महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अन्य शीर्ष भारतीय नेताओं को रखा था.

मोदी ने राष्ट्रमण्डल सरकार प्रमुख बैठक से इतर टेरीजा के साथ हुई इस मुलाकात में भारतीय भगोड़ों को वापस भेजने में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा किए जा रहे विलंब का मुद्दा भी उठाया. ब्रिटेन की एक अदालत माल्या को प्रत्यर्पित करने के भारत के अनुरोध पर सुनवाई कर रही है. माल्या के वकील ने भारतीय जेलों में स्वच्छता के अभाव और अत्यधिक भीड़ होने का जिक्र करते हुए भारत के इस अनुरोध का विरोध किया है.

विजय माल्या को झटका, लंदन में 10,000 करोड़ रुपये का केस हारे

9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी

भारत में प्रत्यपर्ण से बचने के लिए माल्या कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. माल्या पर नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्डरिंग का आरोप है. माल्या साल 2016 में देश के एकाएक फरार हो गए थे. उनके खिलाफ भारत में गिरफ्तारी वारंट भी जारी है. माल्या ने कई बैंकों से 9 हजार करोड़ का कर्जा ले रखा है. सबसे अधिक कर्ज एसबीआई से लिया है. उन पर ब्रिटेन की विंसमिंस्टर कोर्ट में केस चल रहा है, लेकिन टालमटौल रवैये के कारण अब तक फैसला नहीं आ सका है. कोर्ट ने जेल का मुद्दा उठाकर मामले को और लटका दिया है.

(भाषा इनपुट)