नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के Lockdown की घोषणा करने वाले संबोधन को उनके टीवी पर प्रसारित पिछले संबोधनों के मुकाबले ज्यादा देखा गया है. 24 मार्च को लॉकडाउन वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण को टीवी पर सबसे अधिक देखा गया, जोकि आईपीएल का फाइनल मैच देखने वालों की संख्या को भी पार कर गया. मोदी के संबोधन को 19.7 करोड़ लोगों ने देखा. जबकि, 19 मार्च के संबोधन को 191 टीवी चैनलों पर 8.30 करोड़ लोगों ने देखा, जिसमें उन्होंने 14 घंटे के कर्फ्यू की घोषणा की थी. Also Read - दिल्ली में 22000 के पार पहुंचे कोरोना वायरस के मामले, अब तक 556 की मौत

बार्क इंडिया रेटिंग्स ने यह जानकारी दी. मोदी ने कोरोना वायरस के मद्देनजर मंगलवार को 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा था कि इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सामाजिक मेलजोल से दूरी ही भारत के लिए एकमात्र रास्ता है. Also Read - पीएम मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच भारत-चीन बॉर्डर की स्थिति को लेकर हुई बातचीत

टीवी रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्टिंग ऑडियंस रिसर्च काउंसिल्स (बार्क) भारत की रेटिंग में मोदी के लॉकडाउन वाले संबोधन को उनके ‘जनता कर्फ्यू’ और नोटबंदी वाले संबोधनों समेत पिछले सभी संबोधनों से ज्यादा देखा गया. Also Read - Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र CM उद्धव ठाकरे की अपील, अगले दो दिनों तक घर के अंदर ही रहें लोग

प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने ट्वीट किया, ‘बार्क इंडिया द्वारा साझा डाटा के अनुसार, 24 मार्च को लॉकडाउन वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण को टीवी पर सबसे अधिक देखा गया, जोकि आईपीएल का फाइनल मैच देखने वालों की संख्या को भी पार कर गया. इसे 201 से भी अधिक चैनलों पर दिखाया गया.’ आईपीएल के फाइनल मैच को 13.3 करोड़ लोगों ने देखा था. वहीं, मोदी के संबोधन को 19.7 करोड़ लोगों ने देखा.

बार्क की रेटिंग के अनुसार प्रधानमंत्री के 19 मार्च के संबोधन को 191 टीवी चैनलों पर 8.30 करोड़ लोगों ने देखा, जिसमें उन्होंने 14 घंटे के कर्फ्यू की घोषणा की थी.

बार्क की रेटिंग के अनुसार पिछले साल आठ अगस्त को जब प्रधानमंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधान खत्म करने पर जो संबोधन दिया उसे 163 चैनलों पर 6.5 करोड़ दर्शकों ने देखा था, जबकि आठ नवंबर 2016 को जब उन्होंने नोटबंदी की घोषणा की तो उसे 114 चैनलों पर 5.7 करोड़ लोगों ने देखा.