नई दिल्‍ली: त्रिपुरा में शानदार जीत और मेघालय तथा नगालैंड में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी मुख्‍यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें जीत के लिए बधाई दी. पीएम ने कहा कि त्रिपुरा में वाम मोर्चे के शासन के दौरान कई पार्टी कार्यकर्ताओं को शहादत देनी पड़ी. यह जीत उसी का नतीजा है, क्‍योंकि मतदाताओं ने लेफ्ट की चोट का जवाब वोट से दिया है. Also Read - कोरोना वायरस के 'इलाज और टीके' के लिए पीएम मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से बात

वास्‍तुशास्‍त्र की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके अनुसार उत्‍तरपूर्व ठीक हो तो सबकुछ ठीक रहता है. इस चुनावी नतीजे से उत्‍तरपूर्व की दशा पूरी तरह बदल जाएगी. Also Read - Corona के खिलाफ जंग: PM मोदी को होती है हर केस की जानकारी, वार रूम की तरह काम कर रहा PMO

पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्‍होंने कहा कि आजादी के बाद 66 वर्षों में जितने केंद्रीय मंत्री उत्‍तरपूर्व के राज्‍यों में गए, उससे ज्‍यादा पिछले चार साल में हमारे मंत्री गए. उन्‍होंने वहां बयानबाजी नहीं की, काम किया. पीएम ने यह भी कहा कि पहले नॉर्थ ईस्‍ट के युवाओं के साथ दिल्‍ली में दुर्व्‍यवहार होता था. पूर्वोत्तर के लोगों में अलगाव की भावना थी, हमारी सरकार ने उसे दूर करने के लिए अथक प्रयास किया. हमने इस पर ध्‍यान दिया. अब उनके साथ कोई गलत व्‍यवहार नहीं होता. Also Read - PM मोदी ने सोशल वर्कर्स से कहा, Coronavirus पर गलत सूचना और अंधविश्वास को दूर करें

त्रिपुरा में वाम मोर्चे की हार की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सूरज ढलता है तो लाल रंग का होता है, लेकिन जब उगता है तो केसरिया रंग का होता है. आज सारे रंग केसरिया रंग में रंग गए हैं.

पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय देते हुए उन्‍होंने कांग्रेस पर भी तंज कसे. पीएम ने कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत स्‍वाभाविक है तथा दलों को पराजय भी दिल से स्‍वीकार करनी चाहिए. लेकिन देश में विपक्ष 2014 से ही भाजपा की जीत को पचा नहीं पा रहा है. मोदी ने कहा कि अमित शाह की अध्‍यक्षता में भाजपा एक के बाद एक जीत हासिल कर रही है. वहीं कांग्रेस के अध्‍यक्ष राहुल गांधी का पद तो बढ़ा, लेकिन उनका कद लगातार छोटा होता जा रहा है. कांग्रेस पार्टी का कद इतना छोटा कभी नहीं हुआ ि‍जितना आज हुआ है. आगे उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस नेता तब भी खुशियां मनाएंगे जब पूरे देश में पार्टी का एक मुख्‍यमंत्री होगा. हालांकि, अपने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए उन्‍होंने उन्‍हें कांग्रेस कल्‍चर से दूर रहने की सलाह भी दी.