नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में कहा कि आज (मंगलवार) रात 12 बजे से पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन होगा. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह जरूरी हो गया है. यह लॉकडाउन 21 दिन का होगा. हालांकि इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि “निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी. लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है.” Also Read - Coronavirus: देश में आज सबसे ज्‍यादा 478 संक्रमण के मामले बढ़े, कुल आंकड़ा 2500 के पार

1. जहां हैं वहीं रहें, घर से बाहर न निकलें
पीएम मोदी ने कहा कि मंगलवार रात 12 बजे से पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन होगा. इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें. अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा. अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो फिर कई परिवार तबाह हो जाएंगे. पीएम ने कहा, “विशेषज्ञ कह रहे हैं कि ‘सामाजिक मेलजोल से दूरी’ कोरोना वायरस से निपटने का एकमात्र तरीका है.” अगर हम 21 दिन तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का पालन नहीं करेंगे तो, हम 21 साल पीछे धकेल दिये जाएंगे. Also Read - क्या यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में सभी छात्र-छात्राओं को पास किया गया? जानें सच

2. लॉकडाउन को कर्फ्यू की तरह ही समझें
उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन को कर्फ्यू की तरह ही समझें. पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हर नागरिक को बचाने के लिए, आपके परिवार को बचाने के लिए घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है. देश के हर राज्य को हर केंद्रशासित प्रदेश, गली-मुहल्ले को लॉकडाउन किया जा रहा है. यह एक तरफ से कर्फ्यू ही है. यह जनता कर्फ्यू से बढ़कर है. Also Read - लोगों के न आने से भूखों मरने की कगार पर जीबी रोड की सेक्स वर्कर, RSS ने पहुंचाया राशन

3. एक मात्र विकल्प है सोशल डिस्टेंसिंग
प्रधानमंत्री मोदी ने रात आठ बजे से देश को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी जनता कर्फ्यू के लिए प्रशंसा के पात्र हैं. कोरोना की वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन और देख रहे हैं. दुनिया के समर्थ से समर्थ देश को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है. ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या फिर उनके पास संसाधनों की कमी है. लेकिन कोरोना वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इन देशों में चुनौती बढ़ती ही जा रही है. इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, इस कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एक मात्र विकल्प है सोशल डिस्टेंसिंग. एक दूसरे से दूर रहना, अपने घरों में ही बंद रहना, कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है. कोरोना को फैलने से रोकना है तो उसके संक्रमण की साइकिल है, उस साइकिल को तोड़ना ही होगा.

4. सोशल डिस्टैंसिंग हर नागरिक के लिए
उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी हैं कि सोशल डिस्टैंसिंग केवल मरीज के लिए आवश्यक है. यह सोचना सही नहीं है. सोशल डिस्टैंसिंग हर नागरिक के लिए, हर परिवार के लिए, परिवार के हर सदस्य के लिए है, प्रधानमंत्री के लिए भी है. कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता-पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को और आगे चलकर पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी.

5. ….बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है
अगर ऐसी लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है. इतनी कीमत चुकानी पड़ेगी कि अंदाजा लगाना मुश्किल होगी.

6. …हम सभी भारतीय मिलकर एकजुट होकर मुकाबला करते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प लिया था, हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया. बच्चे, बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब, मध्यम हर वर्ग के लोग परीक्षा की इस घड़ी में साथ आए. जनता कर्फ्यू को हर भारतवासी ने सफल बनाया. एक दिन के जनता कर्फ्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर एकजुट होकर मुकाबला करते हैं.

7. ‘कोरोना’ का मतलब है, ‘कोई रोड पर ना निकले
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान एक पोस्टर दिखाते हुए कहा कि ‘कोरोना’ का मतलब है, ‘कोई रोड पर ना निकले.’ यह धैर्य और अनुशासन का समय है, मैं आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि हमारी सुरक्षा के लिए जो लोग अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं उनके बारे में सोचें.

8. 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए
केन्द्र और राज्य सरकारें आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं. केन्द्र ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.

9. अफवाहों और अंधविश्वास पर भरोसा ना करें,
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफवाहों और अंधविश्वास पर भरोसा ना करें, डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा ना लें. लोगों से अपना और अपने परिवार का ध्यान रखने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि हम इस चुनौती से विजेता बनकर उभरेंगे.’

10. पुलिस के बारे में सोचिए
मोदी ने कहा, “साथियों, भारत आज उस स्टेज पर है, जहां आज के एक्शन तय करेंगे कि हम आगे कैसे बढ़ेंगे. जान है तो जहान है. जबतक लॉकडाउन की स्थिति है, हमें अपना वचन निभाना है, अपना संकल्प निभाना है. मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि आप घरों में उनके बारे में सोचिए जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए दिनरात काम कर रहे हैं. आपको सही जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम कर रहे मीडिया के लोगों के बारे में सोचिए. जो संक्रमण का खतरा उठाकर आपके लिए काम कर रहे हैं. आप पुलिस के बारे में सोचिए, जो आपके परिवार को बचाने के लिए ड्यूटी कर रहे हैं.”

वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 519 हुई

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को देश में कोरोना वायरस से मौत के मामले 10 हो गये. राजधानी में मौत का दूसरा मामला सामने आया है. देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 519 हो गई. पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत सोमवार को कोरोना वायरस से हुई जबकि पहले इस महामारी से मौत के सात मामले महाराष्ट्र (दो), बिहार, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात और पंजाब में दर्ज किये गये थे.

मंत्रालय की ओर से मंगलवार रात 8:15 बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस समय मरीजों की संख्या 469 है जबकि 40 लोग ठीक हो चुके हैं जिन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है. मंत्रालय के मुताबिक संक्रमितों में 43 विदेशी हैं और अब तक 10 मरीजों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया कि 65 वर्षीय कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत सोमवार शाम को हो गई. हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मौत को अपने आंकड़ों में शामिल नहीं किया है.

मंत्रालय के मुताबिक केरल में कोरोना वायरस के सबसे अधिक 95 मामले सामने आए हैं जिनमें आठ विदेशी शामिल हैं जबकि तीन विदेशियों सहित 89 संक्रमितों के साथ महाराष्ट्र दूसरा सबसे प्रभावित राज्य है. कर्नाटक में कोरोना वायरस के 37 मरीज हैं जबकि तेलंगाना में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है जिनमें 10 विदेशी हैं. राजस्थान में दो विदेशी सहित 32 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.

उत्तर प्रदेश में एक विदेशी सहित 33 मामले सामने आए हैं. गुजरात में भी एक विदेशी सहित 33 मामले सामने आए हैं. दिल्ली में एक विदेशी सहित 30 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. हरियाणा में 28 मामले सामने आए हैं जिनमें 14 विदेशी हैं. वहीं पंजाब में 29 मामले सामने आए हैं. लद्दाख में 13 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. तमिलनाडु में दो विदेशी सहित 15 संक्रमित हैं. पश्चिम बंगाल में नौ और आंध्र प्रदेश में आठ मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं. मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ में सात-सात मामले सामने आए हैं.

जम्मू-कश्मीर में चार संक्रमितों की पुष्टि हुई है. उत्तराखंड में भी एक विदेशी सहित चार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. हिमाचल प्रदेश और बिहार में तीन-तीन मामले और ओडिशा में दो मामले सामने आए हैं. पुडुचेरी, मणिपुर और छत्तीसगढ़ में एक-एक व्यक्ति के कोरोना वायरस संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

(इनपुट भाषा)