नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक (all-party meeting) आज गुरुवार को देश की राजधानी दिल्‍ली में होने जा रही है. साल 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद से यह केंद्र और जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं के बीच पहली बैठक है. इस बैठक पर देश और दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं.Also Read - Video: Delhi में यमुना में बढ़ा जल स्‍तर, अलर्ट के बाद निचले इलाकों में 24 घटे स्थित‍ि पर नजर

केंद्र सरकार ने इस बैठक में जम्‍मू -कश्‍मीर के 14 नेताओं को बुलाई गई बैठक में आमंत्रित किया गया है. जम्‍मू-कश्‍मीर के आमंत्रित नेताओं में चार पूर्व मुख्यमंत्री-फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं. इनमें से अधिकतर नेता दिल्‍ली कल ही आ गए थे. Also Read - Jammu के सांबा में तीन जगहों पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखे, एक्‍शन होते ही वापस लौटे

केंद्र सरकार की ओर से इस मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पीएमओ में मंत्री जितेंद्र सिंह भी शामिल हो सकते हैं. एक संभावना यह भी है कि इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल भी शामिल हो सकते हैं. Also Read - अगले लोकसभा चुनाव को लेकर बोले रामदास अठावले, '2024 में खेला नहीं सत्ता के लिए मोदी का मेला होगा'

जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 जून को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किए गए चार पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित 14 नेताओं में से अधिकतर नयी दिल्ली पहुंच गए हैं. आज होने जा रही इस बैठक के लिए कोई एजेंडा तय नहीं किया गया है और जम्मू कश्मीर के नेताओं ने कहा कि वे खुले मन से इसमें शामिल होंगे.

गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) के प्रवक्ता एवं माकपा नेता यूसुफ तारिगामी ने कहा, ”हमें कोई एजेंडा नहीं दिया गया है. हम बैठक में यह जानने के लिए शामिल होंगे कि केंद्र क्या पेशकश कर रहा है. कम्युनिस्ट नेता ने कहा कि पीएजीडी ”वहां जम्मू कश्मीर के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए होगा.