PM Narendra Modi Speech Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार दिवाली और छठ पूजा तक किया जाएगा. अपने संबोधन के शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, “कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते हुए अब हम Unlock-Two में प्रवेश कर रहे हैं. और हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जहां सर्दी-जुखाम, खांसी-बुखार ये सारे न जाने क्या क्या होता है, के मामले बढ़ जाते हैं.” उन्होंने कहा, “साथियों, ये बात सही है कि अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है. समय पर किए गए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखोंलोगों का जीवन बचाया है.”Also Read - Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग ने रैलियों-रोड शो पर रोक 31 जनवरी तक बढ़ाई, थोड़ी सी राहत भी दी

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है. इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई. उन्होंने कहा कि बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं. इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं. Also Read - CoronaVirus In India: एक दिन में मिले 3,37,704 नए कोरोना मरीज, 482 लोगों की मौत, जिन्दगी के लिए वैक्सीन है जरूरी!

उन्होंने कहा, “एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है. वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया.” एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है. वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया. Also Read - CoronaVirus In India Update: कोरोना ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक दिन में मिले 3 लाख 17 हजार 532 नए मरीज, घबराएं नहीं, सतर्क रहें

उन्होंने कहा कि एक तरह से देखें तो, अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया है. उन्होंने कहा, “साथियों, हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है. अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है. जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है.”

त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे. अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है.