PM Modi’s Security Lapses Case: सुप्रीम कोर्ट याचिका पर शुक्रवार को सबसे पहले करेगा सुनवाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका, याचिका में चूक के लिए जिम्मेदार पंजाब सरकार के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Published: January 6, 2022 10:54 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Laxmi Narayan Tiwari

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(फाइल फोटो)

Supreme Court, PM security, Modi’s Ferozepur visit, Ferozepur, Punjab, security lapses, PM MODI, VVIP, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में गंभीर चूक मामले की गहन जांच और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो, यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने आज बृहस्पतिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह के उस प्रतिवेदन पर गौर किया, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में गंभीर चूक हुई. याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया था. पीठ ने कहा, ”इस याचिका की एक प्रति राज्य सरकार को भी सौंपे. हम कल सबसे पहले इस पर सुनवाई करेंगे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर उच्चतम न्यायालय में उस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई का अनुरोध किया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था के सबूतों को संरक्षित रखा जाए और कथित चूक के लिए जिम्मेदार पंजाब सरकार के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इससे पहले प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण कर अध्यक्षता वाली एक पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह के उस अनुरोध पर गौर किया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक की घटना की अदालत की निगरानी में जांच के ‘लॉयर्स वॉयस’के आग्रह पर तत्काल सुनवाई की जानी चाहिए. पीठ ने कहा, “राज्य सरकार को (याचिका की) प्रति दें. हम कल सबसे पहले इसकी सुनवाई करेंगे.

याचिका में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की पूर्व नियोजित साजिश”

‘लॉयर्स वॉयस’के उपाध्यक्ष बिजन कुमार सिंह द्वारा दायर याचिका में बुधवार की घटना को “प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की पूर्व नियोजित साजिश” बताया गया है. वकील संदीप सिंह के जरिए दायर याचिका में कहा गया है, “देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा और आवाजाही के संबंध में प्रतिवादी संख्या 1, 2 और 3 (राज्य सरकार, मुख्य सचिव और डीजीपी) की ओर से गंभीर और जानबूझकर की गई चूक का संज्ञान लें.”

पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीप के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने का भी अनुरोध

याचिका में जिला न्यायाधीश, बठिंडा को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि यात्रा के संबंध में पंजाब पुलिस की गतिविधियों और तैनाती से संबंधित सभी आधिकारिक दस्तावेज और सामग्री जल्द से जल्द एकत्र करें और इस अदालत के समक्ष पेश करें. याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है.

घटना की तत्काल न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका

याचिका में कहा गया है,राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठाते हुए और देश भर में आवाजाही के मौलिक अधिकार और देश में नागरिकों की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए. याचिकाकर्ता तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करता है. सीनियर अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन. वी. रमना के समक्ष मामले का उल्लेख किया और अदालत से अनुरोध किया कि वह इस घटना की तत्काल न्यायिक जांच की मांग वाली एक रिट याचिका पर विचार करे. दिल्ली स्थित लॉयर्स वॉयस द्वारा दायर याचिका में राज्य सरकार और पुलिस पर देश में उच्च संवैधानिक पद के धारक (प्रधानमंत्री) की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है.

सुरक्षा चूक स्पष्ट रूप से जानबूझकर की गई, पंजाब राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था द्वारा निभाई गई भूमिका के रूप में गंभीर सवाल

याचिका में कहा गया है, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई विश्वसनीय रिपोटरें के अनुसार और केंद्र सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा चूक स्पष्ट रूप से जानबूझकर की गई थी और पंजाब राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था द्वारा निभाई गई भूमिका के रूप में एक गंभीर सवाल उठाती है. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने सिंह को रिट याचिका की प्रति पंजाब सरकार के वकील को देने को कहा और इसे शुक्रवार को सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया. याचिका में जिला जज भटिंडा को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह प्रधानमंत्री के दौरे के संबंध में पंजाब पुलिस की आवाजाही और तैनाती से संबंधित सभी सामग्री को इकट्ठा, संरक्षित और पेश करें और साथ ही डीजीपी और पंजाब के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी तय करें.

यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसे दोबारा नहीं दोहराया जाए और गहन जांच की आवश्यकता

जैसा कि शीर्ष अदालत ने सिंह से पूछा कि वह अदालत से क्या उम्मीद कर रहे हैं, सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसे दोबारा नहीं दोहराया जाए और गहन जांच की आवश्यकता है. याचिका में सिंह ने यह भी कहा कि सुरक्षा बंदोबस्त में पेशेवर और प्रभावी जांच की आवश्यकता है. आज के माहौल को देखते हुए बठिंडा के जिला न्यायाधीश के लिए आपकी निगरानी में यह उचित होगा कि पूरे रिकॉर्ड को कस्टडी में लिया जाए. वह (प्रधानमंत्री) फिरोजपुर के दौरे पर थे. यह सुनिश्चित करना अत्यंत प्रासंगिक है कि यह आज के वातावरण में यह फिर से न हो. रिकॉर्ड जिला न्यायाधीश द्वारा लिया जाना है और उसके बाद आपके आधिपत्य तय कर सकते हैं कि क्या कदम उठाए जाने हैं. कृपया आज ही एक आदेश पारित करने पर विचार करें.

मंत्रालय ने पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और इस चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने को कहा

पंजाब सरकार ने पीएम मोदी के दौरे के दौरान हुई चूक की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. गृह मंत्रालय (एमएचए) ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा था कि पंजाब दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हुई थी. मंत्रालय ने सुरक्षा उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और इस चूक की जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई करने को कहा है.

डीजीपी  पंजाब पुलिस के आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों की पुष्टि के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से यात्रा के लिए रवाना हुए

गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा, नरेंद्र मोदी आज सुबह बठिंडा पहुंचे, जहां से वे हेलीकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाने वाले थे. बारिश और खराब दृश्यता के कारण प्रधानमंत्री ने करीब 20 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया. जब मौसम में सुधार नहीं हुआ तो निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाएंगे, जिसमें दो घंटे से अधिक समय लगेगा. डीजीपी पंजाब पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यक पुष्टि के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से यात्रा के लिए रवाना हुए.

प्रधानमंत्री 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फंसे रहे

बयान में आगे कहा गया, हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर, जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा तो पाया गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया है. बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फंसे रहे.  यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक बड़ी चूक थी. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और यात्रा की योजना के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही जानकारी दे दी गई थी.

प्रक्रिया के अनुसार, पंजाब सरकार को सड़क मार्ग से किसी भी यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा तैनात करनी चाहिए थी

प्रक्रिया के अनुसार, उन्हें लॉजिस्टिक्स व सुरक्षा के साथ-साथ आकस्मिक योजना को तैयार रखते हुए इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था करनी होती है. आकस्मिक योजना को ध्यान में रखते हुए, पंजाब सरकार को सड़क मार्ग से किसी भी यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा तैनात करनी चाहिए थी, जिनकी स्पष्ट रूप से तैनाती नहीं की गई थी. इस सुरक्षा चूक के बाद, बठिंडा हवाई अड्डे पर वापस लौटने का निर्णय लिया गया.

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Published Date: January 6, 2022 10:54 PM IST