भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ओडिशा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने खुर्दा के निसेर स्टेडियम में हालांकि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का नाम लेने से परहेज किया. प्रधानमंत्री ने पूछा, ‘क्या वजह है कि चिट फंड से पीसी (प्रतिशत कमीशन) संस्कृति तक, ओडिशा में भ्रष्टाचार का राक्षस इतना मजबूत हो गया है? कौन राक्षस को खाद-पानी दे रहा है?’

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ओडिशा में किसानों को कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि केंद्र ने एमएसपी उत्पादन शुल्क का डेढ़ गुणा बढ़ा दिया है. प्रधानमंत्री ने पूछा, ‘आखिर क्यों ओडिशा के किसानों को पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है. उन्हें समुचित खरीदी क्यों नहीं मिल रही है? क्यों ओडिशा के बड़े भाग को पीने का साफ पानी नहीं मिलता? क्यों शिक्षकों को अपना वेतन लेने के लिए धरना देना पड़ता है?’

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के विकास व फायदे के लिए कई कदम उठा रही है. मोदी ने कहा, ‘आज ओडिशा के लोग पूछ रहे हैं कि क्यों ओडिशा ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को नहीं स्वीकारा. लोगों को इस योजना से पूरे भारत में मुफ्त में मेडिकल सेवा मिलेगा.’ उन्होंने स्वच्छता अभियान को आगे नहीं बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार के इरादे पर सवाल उठाए. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आखिरकर, जब देश में स्वच्छता का दायरा 97 प्रतिशत तक बढ़ रहा है, तो फिर ओडिशा खुले में शौच से मुक्त अभियान में कैसे पीछे बना हुआ है.’