नई दिल्लीः देश भर में पैर पसार रहे कोरोना संकट काल के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के 95वें सालाना विशेष कार्यक्रम को संबोधित किया. इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (Indian Chamber Of Commerce) का यह कार्यक्रम कोलकाता में हो रहा है, जिसके चलते पीएम मोदी ने बंगाली भाषा से अपने भाषण की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस दौरान कोरोना के चलते देश की स्थिति पर बात की और इस आपदा को अवसर में बदलने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि इस संकट काल में देश का आत्मनिर्भर होना और दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता कम करने की जरूरत है. देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण बातें कही. Also Read - पीएम मोदी के बयान से 'विस्तारवादी' चीन को लगी मिर्ची, कहा- 'हमने 12 पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद सुलझाया'

ICC के 95वें सालाना विशेष कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण की खास बातें- Also Read - सोनिया ने ओबीसी छात्रों के लिए NEET कोटे पर पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- दाखिले में नहीं मिल पा रही है आरक्षण की सुविधा

1. 95 वर्ष से निरंतर देश की सेवा करना, किसी भी संस्था या संगठन के लिए अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है. ICC ने पूर्वी भारत और North East के विकास में जो योगदान दिया है, विशेषकर वहां की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स को, वो भी ऐतिहासिक है. Also Read - इशांत शर्मा ने कहा- 2013 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को अच्छे से समझ पाया था

2. ICC ने 1925 में अपने गठन के बाद से आजादी की लड़ाई को देखा है, भीषण अकाल और अन्न संकटों को देखा है और भारत की Growth Trajectory का भी आप हिस्सा रहे हैं. अब इस बार की ये AGM एक ऐसे समय में हो रही है, जब हमारा देश Multiple Challenges को Challenge कर रहा है.

3. हर देशवासी अब इस संकल्प से भी भरा हुआ है कि इस आपदा को अवसर में परिवर्तित करना है, इसे हमें देश का बहुत बड़ा Turning Point भी बनाना है.

4. एक बहुत बड़ी वजह रही है कि बीते 5-6 वर्षों में, देश की नीति और रीति में भारत की आत्मनिर्भरता का लक्ष्य सर्वोपरि रहा है. अब कोरोना संकट ने हमें इसकी गति और तेज करने का सबक दिया है. इसी सबक से निकला है- आत्मनिर्भर भारत अभियान.

5. हर वो चीज, जिसे आयात करने के लिए देश मजबूर है, वो भारत में ही कैसे बने, भविष्य में उन्हीं उत्पादों का भारत निर्यातक कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है.

6. किसानों और Rural Economy के लिए जो निर्णय हाल में हुए हैं, उन्होंने एग्रीकल्चर इकोनॉमी को बरसों की गुलामी से मुक्त कर दिया है. अब भारत के किसानों को अपने उत्पाद, अपनी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आज़ादी मिल गई है.

7. लोकल प्रोडक्ट्स के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड अप्रोच को अब भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है, उसमें भी सभी के लिए अवसर ही अवसर है. जिन जिलों, जिन ब्लॉक्स में जो पैदा होता है, वहीं आसपास इनसे जुड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे.

8. इसके साथ ही Bamboo और Organic Products के लिए भी क्लस्टर्स बनेंगे. सिक्किम की तरह पूरा नॉर्थ ईस्ट, ऑर्गैनिक खेती के लिए बहुत बड़ा हब बन सकता है. ऑर्गैनिक कैपिटल बन सकता है.

9. आप सभी नॉर्थ ईस्ट, पूर्वी भारत में इतने दशकों से काम कर रहे हैं. सरकार ने जो तमाम कदम उठाए हैं, इनका बहुत बड़ा लाभ East और North East के लोगों को होगा. मैं समझता हूं कि कोलकाता भी खुद फिर से एक बहुत बड़ा लीडर बन सकता है.

10. Manufacturing में बंगाल की ऐतिहासिक श्रेष्ठता को हमें पुनर्जीवित करना होगा. हम हमेशा सुनते आए हैं कि “जो बंगाल आज सोचता है, वह भारत कल सोचता है” हमें इससे प्रेरणा लेते हुए हमें आगे बढ़ना होगा.

11. पीएम मोदी ने कहा, ‘5-6 साल पहले तक एक LED बल्ब 350 रुपए का मिलता था, अब 50 रुपए का मिलता है. आज प्रतिवर्ष देशवासियों के करीब-करीब 19 हजार करोड़ रुपए बिजली के बिल में, LED की वजह से बच रहे हैं. ये बचत गरीब को हुई है, ये बचत देश के मध्यम वर्ग को हुई है.’

12. भारत में एक और अभियान अभी चल रहा है- देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का. इसमें People, Planet और Profit तीनों ही विषय मिलते हैं. विशेषकर पश्चिम बंगाल के लिए तो ये बहुत ही फायदेमंद है. इससे आपके यहां जूट का कारोबार बढ़ने की संभावना बढ़ती है.

13. अब देश में बैंकिंग सर्विस का दायरा उन लोगों तक भी पहुंच पाया है, जिनको लंबे समय तक Have nots की श्रेणी में रखा गया था. DBT, JAM यानि जनधन आधार मोबाइल के माध्यम से बिना लीकेज करोड़ों लाभार्थियों तक जरूरी सहायता पहुंचाना संभव हुआ है.

14. आप ये जानते ही हैं कि GeM प्लेटफॉर्म पर छोटे-छोटे सेल्फ हेल्प ग्रुप, MSMEs, सीधे भारत सरकार को अपने Goods और अपनी Services उपलब्ध करा सकते हैं.

15. देश में ही सोलर पैनल की मैन्युफेक्चरिंग, पावर स्टोरेज केपेसिटी बढ़ाने के लिए बेहतर बैटरी के R&D और मैन्युफेक्चरिंग में निवेश करें. जो इस काम में जुटे हैं, ऐसे संस्थानों की, MSME की Handholding करें.