नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कोरोना संकट पर देश के नाम संबोधन में कहा कि प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में भी इतने देश प्रभावित नहीं हुए थे जितना की कोरोना वायरस से हुए हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण पूरा विश्व संकट से गुजर रहा है और प्रत्येक भारतीय को सतर्क रहना चाहिए. Also Read - याद नहीं पिछली बार कब इतना लंबा ब्रेक लिया था : पीवी सिंधु

उन्होंने कहा कि यह मानना गलत है कि भारत पर कोरोना वायरस का असर नहीं पड़ेगा. ऐसी महामारी में ‘हम स्वस्थ, जगत स्वस्थ’ मंत्र काम आ सकता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में एक भाव उभरा है कि सबकुछ ठीक है, यह मानसिकता ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि आप सड़कों पर घूमते रहेंगे, बाजारों में जाते रहेंगे, और स्थिति से बचे रहेंगे, यह सोच ठीक नहीं है. मुझे आपके कुछ हफ्ते, कुछ समय चाहिए. मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए कोई मुक्कमल उपाय नहीं मिला है न ही कोई टीका विकसित हुआ है. उन्होंने कहा कि 60 से उपर की आयु वाले लोग घरों से बाहर नहीं निकलें और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलें. Also Read - Coronavirus: पिछले 24 घंटे में तेजी से बढ़ा है कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा, 27 लोगों ने गवाई जान

जरूरी सामानों का संग्रह न करें, इसकी कमी नहीं होगी: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है. इस कारण लोगों से यह अपील की जाती है कि वे आवश्यक चीजों की जमाखोरी न करें क्योंकि किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी. प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम सम्बोधन में कहा कि कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने कोविड-19 टॉस्क फोर्स गठित करने का फैसला किया है. आर्थिक मामलों की हर परिस्थिति का आंकलन करते हुए फैसले लेगी. यह टॉस्क फोर्स यह भी सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक मुश्किलों को कम करने के लिए जितने भी कदम उठाए जाएं उस पर अमल हो. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी ने देश के गरीबों, निम्न मध्यम और मध्यम वर्ग को गहरी क्षति पहुंचाई. Also Read - कोरोना से जंग: मानव संसाधन मंत्रालय ने बढ़ाए मदद के हाथ, दान किए इतने करोड़ रूपए

आर्थिक हितों को ध्यान में रखें
मोदी बोले कि व्यापारी वर्ग और उच्च आय वर्ग से आग्रह है कि जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हों, उनके आर्थिक हितों को ध्यान में रखें. हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में आपके घर, दफ्तर न आ पाएं, उनका वेतन न काटें. फैसला लें. हमेशा याद रखिएगा कि अपने परिवार को बीमारी से बचाना है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खाने-पीने का सामान और दवाओं का कमी न हो, इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “मेरा सभी से आग्रह कि जरूरी सामान संग्रह करने की होड न करें. क्योंकि ऐसे सामानों की कमी नहीं होने दी जाएगी.