नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 (Coronavirus/COVID-19) के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी तेजी से बदले ताजा घटनाक्रम और इससे निपटने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दे रहे हैं. गौरतलब है कि कोरोनावायरस के संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है. देश में अबतक कोविड-19 के 169 मामले सामने आ चुके हैं. साथ ही अब तक कुल 4 लोगों के मौत की पुष्टि भी हो चुकी हैं. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इस महामारी को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है. पीएम ने कहा कि हम जैसे देश पर यह संकट सामान्य नहीं है. इसके प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है. साथ ही पीएम ने कहा कि आज तक मैंने देश से जो कुछ मांगा है देशवासियों ने मुझे दिया है. पीएम ने कहा कि मुझे देशवासियों का कुछ समय यानी कुछ सप्ताह चाहिए. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

पीएम ने अपने संबोधन में आगे कहा कि ऐसा वक्त में हमें संकल्प और संयम की बहुत जरूरत है. उन्होंने का कि आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे. साथियों, इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ.  उन्होंने कहा कि अभी तक विज्ञान, कोरोना महामारी से बचने के लिए, कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है. ऐसी स्थिति में चिंता बढ़नी बहुत स्वाभाविक है. ऐसी स्थिति में, जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है. इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम. पीएम ने कहा कि सभी देशवासी सरकार के निर्देशों का पालन करें. साथ ही घर से बाहर तभी निकले जब बहुत जरूरी हो.

पीएम ने कहा- आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे. साथियों, इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ.
ऐसी स्थिति में, जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है. इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम. उन्होंने कहा- संयम का तरीका क्या है- भीड़ से बचना, घर से बाहर निकलने से बचना. आजकल जिसे Social Distancing कहा जा रहा है, कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में, ये बहुत ज्यादा आवश्यक है. इसलिए मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें. जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें. मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी इससे बहुत परिचित नहीं होगी, लेकिन पुराने समय में जब युद्ध की स्थिति होती थी, तो गाँव गाँव में BlackOut किया जाता था. घरों के शीशों पर कागज़ लगाया जाता था, लाईट बंद कर दी जाती थी, लोग चौकी बनाकर पहरा देते थे. मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं. ये है जनता-कर्फ्यू. जनता कर्फ्यू यानि जनता के लिए, जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि यह समय कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पीएम ने जनता से अपील भी की. पीएम ने कहा कि  22 मार्च के दिन मैं आपका सहयोग चाहता हूं.

इस रविवार, यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, सभी देशवासियों को, जनता-कर्फ्यू का पालन करना है. 22 मार्च को हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा. 22 मार्च को जनता-कर्फ्यू की सफलता, इसके अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगे. संभव हो तो हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता-कर्फ्यू के बारे में भी बताए. साथियों, ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से हमारे लिए, भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा. प्रधानमंत्री ने पूरे देश के स्थानीय प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि मेरा आग्रह है कि 22 मार्च को 5 बजे, सायरन की आवाज से इसकी सूचना लोगों तक पहुंचाएं.

पीएम ने कहा कि संकट के इस समय में, आपको ये भी ध्यान रखना है कि हमारी आवश्यक सेवाओं पर, हमारे हॉस्पिटलों पर दबाव भी निरंतर बढ़ रहा है. इसलिए मेरा आपसे आग्रह ये भी है कि रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं, उतना बचें. साथ ही नरेंद्र मोदी ने कोरोना से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों पर कहा कि वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक कोविड-19-Economic Response Task Force के गठन का फैसला लिया है. पीएम ने व्यापारी वर्ग से आग्रह करते हुए कहा कि संकट के इस समय में देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें.

कोरोना वायरस के किसी भी अफवाह के कारण लोगों के बीच खाने पीने या रोजमर्रा की चीजों को लेकर दिक्कतों का सामना न करना पड़े. इस लिहाज से उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ दिन में नवरात्रि का पर्व आ रहा है, ये शक्ति उपासना का पर्व है. भारत पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़े, यही शुभकामना है.