नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 45वीं बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में कई मुद्दों पर बात की. पीएम ने कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच से की. पीएम ने कहा, ”मुझे याद है कि अफगनिस्तान के राष्ट्रपति श्रीमान अशरफ़ गनी ने ट्विटर पर मुझे टैग करते हुए लिखा था कि अफगानिस्तान की जनता को अपने हीरो राशिद खान पर गर्व है. मैं अपने भारतीय दोस्तों का आभारी हूं कि उन्होंने हमारे खिलाड़ियों को कौशल दिखाने के लिए प्लेटफॉर्म दिया.” बता दें कि अफगानिस्तान ने पिछले दिनों अपना पहला टेस्ट मैच खेला है, अफगानिस्तान को टेस्ट मैच में डेब्यू करने का मौका भारत ने दिया था. Also Read - ममता का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- हम जान बचाने के लिए काम कर रहे हैं, कुछ लोग हमें हटाने के लिए

योग दिवस को किया याद
पीएम मोदी ने योग दिवस को याद करते हुए कहा कि वायुसेना के हमारे योद्धाओं ने तो बीच आसमान में धरती से 15 हज़ार फुट की ऊंचाई पर योगासन करके सबको स्तब्ध कर दिया. हैरानी की बात ये थी कि उन्होंने हवा में तैरते हुए ये सब किया ना कि हवाई जहाज़ में बैठ कर. पीएम ने कहा कि योग सभी सीमाओं को तोड़कर, जोड़ने का काम करता है. सैकड़ों देशों के हजारों उत्साही लोगों ने जाति, धर्म, क्षेत्र, रंग या लिंग हर प्रकार के भेद से परे जाकर इस अवसर को एक बहुत बड़ा उत्सव बना दिया. देश को गर्व होता है, जब सवा-सौ करोड़ लोग देखते हैं कि हमारे देश के सुरक्षा बल के जवानो ने जल-थल और नभ तीनों जगह योग का अभ्यास किया. Also Read - World Environment Day 2020 Special: विश्व पर्यावरण दिवस पर जानें PM Modi आपसे क्या चाहते हैं?

संत कबीर और गुरु नानक को याद किया
पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में संत कबीर और गुरु नानक को भी याद किया. पीएम ने कहा कबीरदास जी ने अपनी पूरी जिंदगी अंधविश्वास से लड़ने में लगा दी, उन्होंने समाधि भी जानबूझकर मगहर में जाकर ली ताकि लोगों का अंधविश्वास दूर हो सके. बता दें कि मगहर के बारे में ऐसा अंधविश्वास था कि जिसकी मृत्यु मगहर में उसे स्वर्ग नहीं मिलता और जिसकी मृत्यु बनारस में होती है उसे स्वर्ग मिलता है. इस अंधविश्वास को तोड़ने के लिए संत कबीर अपने अंतिम समय में बनारस छोड़कर मगहर गए थे. पीएम ने कहा कि वो जल्द ही मगहर जाएंगे. पीएम मोदी ने गुरु नानक को याद करते हुए 2019 में गुरु नानक जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाया जाएगा. पीएम ने इसके लिए लोगों से सुझाव भी मांगे हैं. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप ने की पीएम नरेंद्र मोदी से बात, कहा- अगले हफ्ते तक भारत भेजेंगे 100 वेंटिलेटर्स

श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद
पीएम ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद किया. उन्होंने कहा कि 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने शिक्षा, एडमिनिस्ट्रेशन और संसदीय मामलों, जैसे क्षेत्रों में काम किया. बहुत कम लोगों को पता होगा कि वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति थे. पीएम ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात थी, भारत की अखंडता और एकता. हम हमेशा डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एकता के सन्देश को याद रखें, सद्भाव और भाईचारे की भावना के साथ, भारत की प्रगति के लिए जी-जान से जुटे रहें.

अंत में जीएसटी पर की बात
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने जीएसटी की बात की. बता दें कि जीएसटी को लागू हुए एक साल पूरा होने वाला है. पीएम ने कहा कि एक देश, एक टैक्स’ देश के लोगों का सपना था, वो आज हकीकत में बदल चुका है. इसके लिए अगर मुझे सबसे ज्यादा किसी को क्रेडिट देना है तो मैं राज्यों को देता हूं. पीएम ने कहा कि जीएसटी परिषद की अब तक 27 बैठकें हो चुकी हैं और जो भी फैसले लिए गए हैं वो सर्वसम्मति से लिए गए हैं.