आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है. इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया और देश की राजनीति पर संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक वंशवाद लोकतंत्र को कमजोर करने वाला है. पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि युवा राजनीति में बिना लोभ के आएं और वंशवाद से निपटने का काम करें. इस दौरान कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे. बता दें कि हर वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है. Also Read - 'Statue of Unity' पर 'Statue of Liberty' से अधिक पर्यटक आते हैं, दो साल में 50 लाख से अधिक लोग पहुंचे: मोदी

PM Narendra Modi का संबोधन की अहम बातें- Also Read - Indian Railways Satute of Unity: गुजरात को PM मोदी ने दिया 8 नई ट्रेनों का तोहफा, कहा-पहली बार ऐसा हुआ है

पीएम मोदी ने अपनी भाषण की शुरुआत में स्वामी विवेकानंद को प्रेरणा स्त्रोत बताया. Also Read - भारत में टीकाकरण शुरू होने पर इस देश के प्रधानमंत्री ने कहा कुछ ऐसा, पीएम मोदी ने दिया ये जवाब

उन्होंने स्वामी विवेकानंद पर बोलते हुए कहा कि स्वामी जी ने जो देश को दिया है, वह हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा. हर पीढ़ि को रास्ता दिखाने का काम करेगा. भारत का शायद ही ऐसा कोई गांव हो जो स्वामी जी से खुद को जुड़ा हुआ महसूस न करता हो.

स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्रीय चेतना को जगाने का प्रयास किया. भारतीयों को भारत की शक्ति से अवगत कराने का प्रयास किया. आजादी के समय जो लोग शांति और कांति दोनों ही मार्गों पर चलकर आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे वे कहीं न कहीं विवेकानंद से प्रभावित थे.

पीएम मोदी ने कहा कि आप युवी साथी भी इस बात को महसूस करते होंगे, कभी भी आपको विवेकानंद की तस्वीर दिखती होगी तो मन में श्रद्धा भाव जरूर ही आता होगा.

स्वामी जी ने व्यक्तियों और संस्थाओं का निर्माण किया जिसपर आजकर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है.अध्ययन करने पर हम पाएंगे कि उन्होंने जिन संस्थाओं का निर्माण किया वो आज भी व्यक्तियों के निर्माण का काम कर रही हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी जी का मंत्र था कि अपने आप पर भरोसा करो और लीडरशिप के समय सबपर भरोसा करो, नास्तिक वह है जो खुद पर भरोसा नहीं करता है लेकिन वे नेतृत्व करते समय सबपर भरोसा करते थे.

देश में ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है कि लोग नौकरी की तलाश में विदेशों का रुख न करें, स्वामी जी शारीरिक ताकत और मानसिक ताकत पर भी बल देते थे.

राजनीति में कुछ बदलाव बाकी है. ये बदलाव देश के युवा ही ला सकते हैं. राजनीतिक वंशवाद देश के सामने एक चुनौती की तरह खड़ा है और इसे जड़ से उखाड़ना है. केवल सरनेम के सहारे चुनाव जीतने वालों के दिन लदने लगे हैं. हालांकि वंशवाद पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है.