नई दिल्ली: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश को संबोधित किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसका दीर्घकालीन इतिहास रहा है. दशकों तक चली न्याय प्रक्रिया का अब समापन हुआ है.  पूरी दुनिया ये तो मानती है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है, लेकिन आज दुनिया ने ये भी जान लिया है कि भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत और मजबूत है. फैसला आने के बाद जिस प्रकार हर वर्ग, हर समुदाय और हर पंथ के लोगों सहित पूरे देश ने खुले दिल से इसे स्वीकार किया है, वो भारत की पुरातन संस्कृति, परंपराओं और सद्भाव की भावना को दर्शाता है.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह से समाज के सभी वर्गों ने अयोध्या पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है, वह भारत की प्राचीन परंपराओं को दर्शाता है. कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सभी पक्षों को सुना और खुशी की बात है कि अयोध्या पर सर्वसम्मति से फैसला आया है. आगे कहा कि भारत की न्यायपालिका के इतिहास में भी आज का ये दिन एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है. इस विषय पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सबको सुना और बहुत धैर्य से सुना और पूरे देश के लिए ख़ुशी की बात है कि सर्वसम्मति से फैसला दिया.

पीएम ने कहा- आज के दिन का संदेश जोड़ने का
पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है. इसलिए, देश के न्यायधीश, न्यायालय और हमारी न्यायिक प्रणाली अभिनंदन के अधिकारी हैं. आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही 9 नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे रही है. आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है.

अयोध्या केस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित जमीन को रामलला विराजमान को देने का फैसला सुनाया है. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ की वैकल्पिक जमीन दी जाए. इससे पहले पीएम मोदी ने अयोध्या पर अपनी पहली प्रतिक्रिया के तौर पर ट्वीट कर कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है. इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है. देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें.