नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 का सफल प्रक्षेपण किया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है. पीएम मोदी अपने ट्वीट में लिखा कि जीएसएलवी मार्क थ्री से जुड़े सभी वैज्ञानिकों को इस सफल लॉन्चिंग की बधाई. इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि इसरो पर पूरे देश को गर्व है.

जीएसएलवी एमके थ्री-डी 1 रॉकेट को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर चेन्नई से तकरीबन 120 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया गया. जीएसएलवी (GSLV) मार्क-3 ने अपने साथ संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर उड़ान भरी और कक्षा में स्थापित कर दिया. इसरो के चेयरमैन किरण कुमार ने इस कामयाब परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी है.

केंद्र के निदेशक तपन मिश्रा ने इसे भारत के लिए संचार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी उपग्रह बताया है. तपन मिश्रा के अनुसार, जीएसएलवी एमके-3 देश का पहला ऐसा उपग्रह है जो अंतरिक्ष आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तेज स्पीड वाली इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने में सक्षम है. उन्होंने बताया कि देश ऐसी क्षमता विकसित करने पर जोर दे रहा है जो फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट की पहुंच से दूर स्थानों को जोड़ने में महत्वपूर्ण हो.