नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों से कोरोना वायरस की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार को 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की. कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है.’’ Also Read - यूपी: धार्मिक स्थलों में 5 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक, प्रसाद नहीं बाँट सकते, जानें और क्या पाबंदियां लगीं

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है मोदी ने कहा, ‘‘ देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना का कहर जारी, एक दिन में कोविड-19 के रिकॉर्ड 63, 294 नए केस, 349 की मौत

मोदी ने कहा, ‘‘ लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी,भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है. लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए मोदी ने कहा कि आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो, कोरोना वायरस के संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है. Also Read - Colleges in Gujarat closed: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गुजरात में सभी कॉलेज 30 अप्रैल तक बंद

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के कहर से निपटने के लिए 15,000 करोड़ रुपए का प्रावधान करने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने देश में स्वास्थ्य सेवा दुरुस्त करने और सक्षमता से कोरोना वायरस से निपटने के लिए 15,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है.

कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर एक सप्ताह से भी कम समय में राष्ट्र के नाम अपने दूसरे संदेश में मोदी ने कहा कि कोरोना से जुड़ी जांच की सुविधा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, आईसीयू बिस्तर, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी संसाधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी .

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिये देश के स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. मोदी ने कहा, ‘‘मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता, सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए.

उन्होंने लोगों से कोरोना वायरस को लेकर अफवाह और अंधविश्वास से बचने की सलाह दी और कहा कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना डॉक्टरों की सलाह के कोई भी दवा न लें.

(इनपुट भाषा)