Denmark PM Mette Frederiksen: डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (Mette Frederiksen) इस समय तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं. डेनमार्क की पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात की और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, कारोबार, निवेश सहित द्विपक्षीय संबंधों के सम्पूर्ण आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई. अपने निर्धारित कार्यक्रमों के दौरान पीएम मेटे ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की. मेटे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं. मेटे ने पीएम मोदी के लिए कहा कि आपने लाखों लोगों के घरों में स्वच्छ पानी और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के लिए काफी महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं.Also Read - पंजाब में BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने से सीएम नाराज, पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा- इस 'काले कानून' पर विचार करें

वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने हैदराबाद हाऊस में वार्ता स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी और फ्रेडरिक्सन की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया और कहा कई भारत और डेनमार्क के बीच हरित सामरिक गठजोड़ को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन का द्विपक्षीय संवाद के लिये स्वागत किया.’’ Also Read - Funny Video: प्रदर्शन कर रहे थे विपक्षी कार्यकर्ता, तभी एक ने बोल दिया कुछ ऐसा सुनकर हंसी नहीं रुकेगी | देखिए मजेदार वीडियो

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेटे फ्रेडरिक्सन के बीच पिछले वर्ष स्थापित ‘हरित सामरिक गठजोड़’ के प्रगति की समीक्षा किये जाने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि 28 सितंबर 2020 को डिजिटल माध्यम से हुई शिखर बैठक में भारत और डेनमार्क ने ‘‘हरित सामरिक गठजोड़’’ स्थापित किया था. दोनों पक्ष आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और बहुस्तरीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.’’ इससे पहले फ्रेडरिक्सन ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की. Also Read - PM Modi Speech highlights: पीएम ने भारतीयों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने, 'मेड इन इंडिया' का समर्थन करने का किया आग्रह

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन 9 से 11 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर आई हैं. भारत और डेनमार्क के मजबूत कारोबारी एवं निवेश संबंध हैं . भारत में डेनमार्क की 200 से अधिक कंपनियां मौजूद हैं, जबकि डेनमार्क में 60 से अधिक भारतीय कंपनियां हैं. दोनों देशों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, जल एवं कचरा प्रबंधन, कृषि एवं पशुपालन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटकलीकरण, स्मार्ट सिटी, पोत क्षेत्रों में मजबूत सहयोग है.