नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली की लगभग 1,800 अनधिकृत कॉलोनियों को पांच वर्षों से की जा रही संजीदा कोशिशों के बाद एक व्यवस्थित नीति बना कर नियमित करने की हाल ही में घोषणा की गयी और जल्द ही कानून बना कर इस फैसले को लागू कर दिया जायेगा. मोदी ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों से आज मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार 18 नवंबर से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में इस फैसले को लागू करने के लिये कानून बनाएगी.

 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली की 1797 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा की थी. केंद्र सरकार के इस फैसले के लिये प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करने आये इन कॉलोनियों के निवासियों को संबोधित करते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि संसद से कानून पारित होने के बाद इन कॉलोनियों में मकान मालिकों को स्वामित्व देने की प्रक्रिया शुरु कर दी जायेगी. मोदी ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले निर्धन आय वर्ग के लोगों की आवास संबंधी समस्याओं का जिक्र करते हुये कहा कि महानगरों में अवैध रूप से बसी कॉलोनियों में रह रहे लोगों को अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों की पहचान से मुक्ति देने के लिये पिछली सरकारों में प्रयास तो किये गये, लेकिन वे अधूरे रहे.

दिल्ली सरकार से नहीं मिला अपेक्षित सहयोग
उन्होंने कहा कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के प्रयास पहले भी किये गये थे, लेकिन आधे-अधूरे मन से किये गये थे. जो (वे प्रयास) धर्म और जाति की राजनीति के इर्द- गिर्द थे. प्रधानमंत्री ने 2014 से ही इन कॉलोनियों को नियमित करने के उपाय खोजने का काम शुरु करने का जिक्र करते हुये कहा कि इस काम में दिल्ली सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. मोदी ने कहा कि स्थानीय सरकार से भी उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. तब हमने तय किया कि कोई जिम्मेदारी उठाये या न उठाये, हम अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते.

40 लाख लोगों के आवास को कानूनी तौर पर नियमित करने की बनेगी नीति
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 40 लाख लोगों के आवास को कानूनी तौर पर नियमित करने के लिये यथासंभव संसाधनों को जुटा कर सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बारीकी से विभिन्न पहलुओं की चर्चा कर नीति बनायी. मोदी ने कहा कि इस नीति में धर्म के आधार पर किसी तरह के भेदभाव को कोई स्थान नहीं दिया गया. नीति का विरोध वाले भी अगर हकदार होंगे, तो उन्हें भी उनका हक मिलेगा. प्रधानमंत्री ने 2022 तक देश में एक भी परिवार के बेघर नहीं रहने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस अवधि में सरकार सभी जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध करायेगी और एक भी परिवार ऐसा नहीं रहेगा जिसके पास अपना घर न हो. इस अवसर पर पुरी के अलावा दिल्ली से भाजपा के सभी सात सांसद और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे.