नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दक्षेस देशों के नेताओं के साथ कोरोनावायरस पर रोकथाम संबंधी चर्चा में कहा कि कोविड-19 को हाल ही में महामारी घोषित किया गया है, और अबतक दक्षेस क्षेत्र में लगभग 150 मामले सामने आए हैं, ऐसे में सभी पड़ोसी देशों को सतर्क रहने की जरूरत है. कोरोनावायरस पर दक्षेस देशों के नेताओं के साथ चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चुनौती के इस दौर में मैं आपको इस वायरस के फैलने को लेकर भारत के अनुभव के बारे में बताना चाहता हूं.” कोरोनावायरस के खतरे से निपटने के लिए दक्षेस देशों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “‘तैयार रहें, लेकिन घबराएं नहीं’ यही हमारे मार्गदर्शन का मंत्र है.” Also Read - आशीष नेहरा ने लॉकडाउन को तेज गेंदबाजों के लिए बताया ज्‍यादा चुनौतीपूर्ण, ये है वजह

COVID19 पर सभी सार्क सदस्य देशों के वीडियो कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने एक बड़ा प्रस्ताव देते हुए COVID-19 इमरजेंसी फंड बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, “मेरा प्रस्ताव है कि हम COVID-19 इमरजेंसी फंड बनाएं. यह हम सभी के स्वैच्छिक योगदान पर आधारित हो सकता है. भारत इस फंड के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर के शुरुआती ऑफर के साथ शुरुआत कर सकता है.” PM मोदी ने कहा, “हम टेस्ट किट और अन्य उपकरणों के साथ भारत में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक रैपिड रिस्पांस टीम तैयार कर रहे हैं.” Also Read - Covid-19: राज्य, एयरलाइन, रेलवे 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से रोक हटाने पर कर रहे विचार, कुछ ऐसी है योजना

उन्होंने कहा, “हमने विदेशों से 1400 भारतीयों को वापस लाया है. इसके साथ ही पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों की भी हमने मदद की है.” उन्होंने कहा, “मैं इतने कम वक्त में इस चर्चा में शामिल होने के लिए आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं. मैं खासकर पीएम ओली का शुक्रिया अदा करता हूं, जो सर्जरी के तुरंत बाद हमारे साथ चर्चा में शामिल हो रहे हैं.”

उल्लेखनीय है कि भारत ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए शुरुआत से ही आइसोलेशन कैंप की व्यवस्था कर दी थी, ताकि विदेश से निकाले गए लोगों और अन्य कोरोना संक्रमित लोगों को आइसोलेशन में रखा जा सके. यहां तक कि अमेरिका से पहले भारत ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी. भारत ने एयरपोर्ट पर 22 जनवरी से जांच शुरू कर दी थी, जबकि अमेरिका ने 25 जनवरी के बाद यह कदम उठाया.

भारत ने चीन, ईरान, इटली आदि देशों से हजारों भारतीयों को निकाल कर देश वापस लाया है. रविवार को ही ईरान से 234, जबकि इटली से 218 भारतीयों को वतन वापस लाया गया है.

(इनपुट आईएएनएस)