PM Narendra Modi at 15th G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को समूह-20 (G20) की बैठक में कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समन्वित प्रयासों से महामारी से जल्द उबरने में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री ने जी-20 बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जी-20 नेताओं के साथ बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की ओर से किए गए समन्वित प्रयासों से निश्चित तौर पर कोरोना महामारी से निजात मिलेगी. Also Read - New Parliament House: 971 करोड़ रुपये में बनेगा नया संसद भवन, पीएम मोदी 10 दिसंबर को करेंगे भूमि पूजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी20 सम्मेलन में कहा कि कोविड-19 महामारी दुनिया के सामने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी चुनौती और मानवता के इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ है. उन्होंने जी20 के प्रभावी कामकाज में भारत के सूचना प्रौद्योगिकी कौशल की पेशकश की. Also Read - Farmers Protest: 5वें दौर की वार्ता में क्या आज होगी आर-पार की बात! किसानों ने दी है बड़ी धमकी

प्रधानमंत्री मोदी ने समूह-20 में कोविड-19 महामारी को मानवता के इतिहास में बदलाव का अहम बिंदू करार देते हुए इसे द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सामने आई सबसे बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा, “हमने समूह-20 के कुशल कामकाज के लिए डिजिटल सुविधाओं को और विकसित करने की खातिर आईटी के क्षेत्र में भारत की विशषेज्ञता की पेशकश की.” Also Read - Metro in Agra: पीएम मोदी सात दिसंबर को आगरा मेट्रो का करेंगे शिलान्यास, सीएम योगी भी रहेंगे मौजूद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड के बाद ‘कहीं से भी काम’ दुनिया में नई सामान्य बात होगी. उन्होंने जी20 के डिजिटल सचिवालय के गठन का सुझाव भी दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रह पृथ्वी के प्रति संरक्षण की भावना हमें स्वस्थ व समग्र जीवनशैली के लिये प्रेरित करेगी.

प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के बाद की दुनिया के लिए एक नये वैश्विक सूचकांक के विकास का सुझाव दिया जिसमें चार महत्वपूर्ण तत्व- प्रतिभाओं का बड़ा समूह तैयार करना, समाज के हर वर्ग तक प्रौद्योगिकी की पहुंच सुनिश्चित करना, शासन प्रणाली में पारदर्शिता लाना और पृथ्वी को संरक्षण की भावना से देखना- शामिल हों. उन्होंने कहा कि इस आधार पर जी20 एक नयी दुनिया की नींव रख सकता है.

सऊदी अरब के शाह सलमान ने जी20 सम्मेलन की शुरुआत की. इस साल कोरोना वायरस महामारी की वजह से समूह के सदस्य देशों के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक डिजिटल तरीके से हो रही है. भारत 2022 में जी20 के सम्मेलन की मेजबानी करेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘जी20 के नेताओं से बहुत रचनात्मक वार्ता हुई. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समन्वित प्रयास निश्चित रूप से इस महामारी से तेजी से निपटने की अगुवाई करेंगे. डिजिटल सम्मेलन के आयोजन के लिए सऊदी अरब का आभार.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता से हमारे समाजों को सामूहिक रूप से तथा विश्वास के साथ संकट से लड़ने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलती है. पृथ्वी के प्रति संरक्षण की भावना हमें एक स्वस्थ और समग्र जीवनशैली के लिए प्रेरित करती है.’’

मोदी ने जी20 के प्रभावी कामकाज के लिए डिजिटल सुविधाओं के विकास के उद्देश्य से भारत के सूचना प्रौद्योगिकी कौशल की पेशकश की. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी को मानवता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण निर्णायक मोड़ तथा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया.

(इनपुट भाषा)