नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सेहत के बारे में जानने के लिए रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचे. एम्स के एक सूत्र के मुताबिक मोदी रात करीब नौ बजे अस्पताल आए और 15-20 मिनट तक एम्स में रुके रहे. हालाकि, वाजपेयी के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में एम्स की ओर से कोई ताजा बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पिछले हफ्ते सूत्रों ने कहा था कि उनकी हालत में कुछ सुधार हो रहा है, जबकि वह अब भी कार्डियो थोरेसिक सेंटर के गहन चिकित्सा कक्ष में हैं. बता दें कि 93 साल के पूर्व प्रधानमंत्री किडनी में संक्रमण, छाती में संकुलन और पेशाब में परेशान की चलते एम्स में भर्ती हैं. Also Read - AIIMS PG Admit Card: एम्स ने जारी किया एडमिट कार्ड, इस प्रोसेस के जरिए करें डाउनलोड

बीते 21 जून को अस्पताल के सूत्रों ने जानकारी दी थी पूर्व प्रधानमंत्री अटल वाजपेयी की तबीयत सुधर रही है और उन्हें एम्स से शीघ्र ही छुट्टी मिल सकती है. एम्स के एक अधिकारी ने कहा था, ”उनमें लगातार सुधार नजर आ रहा है. डॉक्टरों की एक टीम उनकी तबीयत पर नजर रख रही है.” पिछले 13 दिनों से सीनियर बीजेपी नेता फिलहाल एम्स के कार्डियो- थोरासिक सेंटर के आईसीयू में हैं. Also Read - दिल्ली का एम्स ही बना कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट, 479 पॉजिटिव मामले मिले

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी (93) को गुर्दा संक्रमण, छाती में जकड़न और मूत्र संबंधी परेशानी थी. इसके बाद 11 जून को एम्स में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी स्थिति का तत्काल जांच कर इलाज करना शुरू किया था. मधुमेह के शिकार वाजपेयी का एक ही गुर्दा काम कर रहा है. उन्हें 2009 में मस्तिष्काघात हुआ था, जिससे उनकी संज्ञानात्मक क्षमता कमजोर हो गयी थी. बाद में वह स्मृति विलोप के शिकार हो गए. Also Read - भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच कई रक्षा समझौते, दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य अड्डे करेंगे प्रयोग

इससे पहले भी पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और कई राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री वाजपेयी की तबीयत के बारे में जानने के लिए पिछले दिनों में एम्स जा चुके हैं.

वाजपेयी 1996 और 1999 के बीच तीन बार प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए. वह 1999 से 2004 तक प्रधानमंत्री थे. पीएम के पद पर पांच साल से अधिक समय तक रहने वाले वह वह पहले गैर कांग्रेस नेता थे. स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण वह धीरे धीरे सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए गए थे. (इनपुट- एजेंसी)