नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात फोनी की स्थिति को लेकर बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री को चक्रवात के संभावित मार्ग की जानकारी दी गई. साथ ही फोनी को लेकर एहतियात के तौर पर और स्थिति से निटपने की तैयारी के तौर पर उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई. इनमें पर्याप्त साधनों की व्यवस्था, एनडीआरएफ और सशस्त्र बलों की टीमों की तैनाती,पेयजल की आपूर्ति का इंतजाम, बिजली और दूरसंचार सेवाओं के अस्तव्यस्त हो जाने पर उन्हें बहाल करने के लिए की गई तैयारी आदि शामिल हैं.

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उभरती स्थिति की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया ताकि एहतियाती कदम तथा जरूरत के हिसाब से राहत एवं बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाये जा सकें.

इस उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधानसचिव, प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, गृह सचिव, भारतीय मौसम विभाग, एनडीआरएफ, एनडीएमए और प्रधानमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी शामिल हुए.

चक्रवात फोनी के शुक्रवार को ओड़िशा तट पर पहुंचने की संभावना है. एहतियात के तौर पर राज्य के निचले इलाकों से करीब आठ लाख लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है.