oxygen crisis in India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश में जारी ऑक्सीजन संकट को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की. अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में पीएम मोदी ने कई दिशानिर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की जमाखोरी करने वालों पर राज्य सरकारें सख्त कार्रवाई करें. इस दौरान अधिकारियों ने ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार के लिए उठाए गए कदमों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया. वहीं प्रधानमंत्री ने उत्पादन बढ़ाए जाने और वितरण में तेजी लाने पर जोर दिया. ऑक्सीजन समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नवोन्मेषी तरीकों का उपयोग करने का आह्वान किया.Also Read - रेलवे के 91 हज़ार पद ख़त्म करने की रिपोर्ट पर राहुल गांधी ने कहा- मोदी सरकार को ये महंगा पड़ेगा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों को सुचारू व अबाधित तरीके से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए; व्यवधान होने के मामलों में स्थानीय प्रशासन के साथ जवाबदेही तय की जाए. प्रधानमंत्री मोदी ने ऑक्सीजन की आपूर्ति और उपलब्धता को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकारों को ऑक्सीजन की जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. Also Read - पीएम मोदी ने की सरकार की तारीफ, वरुण गांधी ने साधा निशाना, राजनीति से लेकर मनोरंजन तक... ये हैं आज की बड़ी ख़बरें

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जारी एक बयान के मुताबिक इस बैठक में प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने, उसके वितरण की गति तेज करने और स्वास्थ्य सुविधाओं तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तेज गति से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया. Also Read - एक जून से शुरू होगा राम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण, पीएम मोदी ने किया था भूमि पूजन-सीएम योगी करेंगे शुभारंभ

बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री को बताया गया कि राज्यों की ऑक्सीजन की मांग और उसके अनुसार उसकी पर्याप्त आपूर्ति के लिए सभी राज्य सरकारों के साथ सहयोग किया जा रहा है. प्रधानमंत्री को यह भी बताया गया कि कैसे राज्यों की ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़ रही है.

बयान के मुताबिक 20 राज्यों की ओर से प्रतिदिन 6785 मीट्रिक टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की वर्तमान मांग के मुकाबले 21 अप्रैल से उन्हें 6822 मीट्रिक टन प्रतिदिन आवंटित की जा रही है.

बैठक के दौरान बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की उपलब्धता 3300 मीट्रिक टन प्रतिदिन बढ़ी है. इसमें निजी और सरकारी इस्पात संयंत्रों, उद्योगों, ऑक्सीजन उत्पादकर्ताओं का योगदान शामिल है. गैर-आवश्यक उद्योगों की ऑक्सीजन आपूर्ति पर रोक लगाकर भी ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाई गई है.

प्रधानमंत्री ने राज्यों को निर्बाध और बगैर किसी परेशानी के ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए. प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ राज्यों को कठोर कार्रवाई करने को भी कहा. बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य सहित अन्य मंत्रालयों और विभागों तथा नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

(इनपुट भाषा)