सूरत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के कारण मकानों की कीमतों में कमी आई और आकांक्षी युवाओं के लिए किफायती दरों पर अपना मकान खरीदना संभव हो सका. मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक जितने काम किए हैं, यदि उतने काम पिछली सरकार को करने होते तो उसे ‘‘और 25 साल’’ का वक्त लग गया होता. सूरत हवाई अड्डे के नए टर्मिनल के विस्तार की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मुझसे पूछा गया कि नोटबंदी के फैसले से क्या फायदा हुआ. यह तो आपको युवाओं से पूछना चाहिए, जो इस फैसले के बाद किफायती दरों पर रिहायशी मकान खरीद सके. रियल एस्टेट क्षेत्र में काला धन रखा जाता था, लेकिन नोटबंदी और ‘रेरा’ (रियल एस्टेट नियामक अधिकरण) जैसे फैसलों से हमने इस पर लगाम लगाई.’’

उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ‘उड़ान’ (उड़े देश का हर नागरिक) योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इससे आम लोगों के लिए उड़ान भरना काफी आसान हुआ और इससे देश के उड्डयन क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी. प्रधानमंत्री ने यह दावा भी किया कि एनडीए शासन के पिछले चार साल के दौरान उनकी सरकार ने 1.30 करोड़ मकान बनाए हैं, जबकि पिछली यूपीए सरकार के शासनकाल में महज 25 लाख मकान बनाए गए. उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल से देश में ‘‘त्रिशंकु संसद’’ थी, जिसके कारण प्रगति प्रभावित हुई. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन चार साल पहले लोगों ने पूर्ण बहुमत देने के लिए वोट किया जिसके बाद देश तेजी से विकास कर रहा है.’’

सूरत एयरपोर्ट पर दिए गए अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने पहले की सरकारों के कार्यकाल के दौरान देश में फैले भ्रष्टाचार पर भी निशाना साधा. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘मुझे मत पूछना कि 40-50 रुपए का बल्ब 350 रुपए में बिकता था तो बीच वाले पैसे कहां जाते थे, मुझे मत पूछना, उसका जवाब राजीव गांधी देकर गए थे, एक रुपया जाता था तो 15 पैसा ही पहुंचता था. बाकी का 85 पैसा कौन सा ‘पंजा’ खाता था, वो सारी दुनिया जानती है.’ पीएम मोदी अपने इस बयान के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार की ओर लोगों का ध्यान दिला रहे थे.

(इनपुट – एजेंसी)