नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शुक्रवार को मध्य प्रदेश के रीवा में स्थापित 750 मेगावाट की सौर परियोजना राष्ट्र को समर्पित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के रीवा में 750 मेगवॉट की सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा- सौर ऊर्जा के मामले में भारत शीर्ष के पांच राष्ट्रों में शामिल हो गया है. Also Read - प्लाज्मा दान करेंगे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बोले- कोरोना वायरस पर जीत से कम कुछ नहीं चाहिए

पीएम मोदी ने कहा, आज रीवा ने वाकई इतिहास रच दिया है. रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम और सफेद बाघ से रही है. अब इसमें एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट का नाम भी जुड़ गया है. इस सोलर प्लांट से मध्य प्रदेश के लोगों को,उद्योगों को तो बिजली मिलेगी ही,दिल्ली में मेट्रो रेल तक को इसका लाभ मिलेगा. Also Read - राज्य सरकार ने वापस लिया फैसला, अब कल से महाकाल मंदिर के दर्शन कर सकेंगे मध्य प्रदेश से बाहर के श्रद्धालु

रीवा में स्थापित सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, LED बल्ब से बिजली का बिल कम हुआ है. इसका एक और महत्वपूर्ण पहलू है, LED बल्ब से करीब साढ़े 4करोड़ टन कम कार्बन डाइऑक्साइड पर्यावरण में जाने से रुक रही है,यानि प्रदूषण कम हो रहा है. Also Read - पीएम मोदी की फोटो से छेडछाड़ कर ट्वीट करने के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

पीएम मोदी ने कहा, जैसे-जैसे भारत विकास के नए शिखर की तरफ बढ़ रहा है, हमारी आशाएं-आकांक्षाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे हमारी ऊर्जा की, बिजली की ज़रूरतें भी बढ़ रही हैं. ऐसे में आत्मनिर्भर भारत के लिए बिजली की आत्मनिर्भरता बहुत आवश्यक है.

पीएम मोदी ने कहा, रीवा के इस सोलर प्लांट से यहां के उद्योगों को न केवल बिजली मिलेगी, बल्कि दिल्ली की मेट्रो रेल को भी इसका लाभ मिलेगा. रीवा के अलावा, शाजापुर, नीमच और छतरपुर में सौर ऊर्जा संयंत्रों पर काम चल रहा है.

पीएम मोदी ने इससे पहले आज ट्वीट कर बताया था किया 11 बजे सुबह मैं वीडिया कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए मध्‍य प्रदेश के रीवा में 750 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्‍ट का उद्घाटन करूंगा. यह परियोजना 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को गति प्रदान करती है.

बता दें कि इससे पहले प्रधानममंत्री कार्यालय की तरफ से गुरुवार को जारी एक बयान में यह जानकरी दी गई है. इस परियोजना के तहत 250-250 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां लगायी गई हैं.

बयान के अनुसार इस सौर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) ने विकसित किया है. यह मध्य प्रदेश उर्जा विकास निगम लिमिटेड (एमपीयूवीएन) और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की ईकाई सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) की संयुक्त उद्यम कंपनी है.

आरयूएमएसएल को सौर पार्क के विकास के लिए 138 करोड़ रुपए की केंद्रीय वितीय सहायता प्रदान की गई. पार्क के विकास के बाद रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड ने पार्क के अंदर 250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयों का निर्माण करने के लिए नीलामी के माध्यम से महिंद्रा रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड, एसीएमई जयपुर सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड और ऑरिन्सन क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया था.

परियोजना की खास बातें
– इस परियोजना से उत्पादित बिजली की दर 15 वर्षों तक 0.05 रुपए प्रति यूनिट की वृद्धि के साथ पहले साल 2.97 रुपये प्रति यूनिट होगी.
इस आधार पर 25 साल की अवधि के लिए 3.30 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी
-परियोजना सालाना लगभग 15 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी
– परियोजना से उत्पादित बिजली में से 24 प्रतिशत दिल्ली मेट्रो को जबकि शेष 76 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश के राज्य बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को आपूर्ति की जाएगी
– पहली नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना है, जिससे राज्य के बाहर किसी संस्थागत ग्राहक को बिजली मिलेगी.
– रीवा परियोजना 1,00,000 मेगावाट की सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता के साथ 2022 तक 1,75,000 मेगावाट की स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को बताता है.

– लगभग 4000 करोड़ की लागत वाली 750 मेगावाट की इस परियोजना
– 750 मेगावाट की इस परियोजना पूर्ण क्षमता से सौर ऊर्जा का उत्पादन प्रारंभ हो चुका है
– यह परियोजना इस मायने में भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें प्रति यूनिट क्रय दर 2 रुपए 97 पैसे है, जो अब तक की न्यूनतम दर है.

– 22 दिसंबर 2017 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था
– परियोजना को लगभग ढाई साल के रिकार्ड समय में पूरा किया गया
– परियोजना से सस्ती बिजली का उत्पादन हो रहा है
– इस परियोजना को विश्व बैंक का ऋण राज्य शासन की गारंटी के बिना स्वच्छ प्रौद्योगिकी कोष के अंतर्गत सस्ती दर पर मिला है.

– रीवा सौर परियोजना से प्रतिवर्ष 15.7 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उर्त्सजन को रोका जा रहा है, जो 2 करोड़ 60 लाख वृक्षारोपण करने के बराबर है
– यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल साइड सौर सयंत्रों में से एक है
– इस सौर ऊर्जा संयंत्र में कुल तीन इकाइयां है.

वीडियो कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से शामिल हुए. इसमें केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा आर.के. सिंह भी कार्यक्रम में शामिल रहे.