प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह पाँच देशों के दौरे पर रवाना हो जाएंगें। शुरुआत अफगानिस्तान से होगी। 6 दिन की इस यात्रा में वो कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मैक्सिको भी जाएँगें। तय शुदा कार्यक्रम के अनुसार 6 दिन के इस दौरे में 45 घंटे सफर पर हवा में ही रहेंगे। इसके अलावा मैक्सिमो के लौटते वक्त उनका विमान जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में ईंधन भरवाने के लिए भी उतरेगा। मोदी जी इसका फायदा भी दो-तरफा बात-चीत के लिए उठा सकते हैं। पिछले दो सालों में प्रधानमंत्री मोदी करीब 50 देशों की यात्राएं कर चुके हैं। आइए, जानते हैं कि मोदी जी की इन पाँच देशों की यात्रा पर क्या है खास…Also Read - गणतंत्र दिवस परेड से बंगाल की झांकी हटाई गई, केंद्र के फैसले से ‘स्तब्ध’ ममता बनर्जी ने PM मोदी को लिखा पत्र

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अफगानिस्तानः रणनीतिक रूप से ईरान दौरे का विस्तार है अफगानिस्तान दौरा Also Read - UP Election 2022: आज भी जारी रहेगी भाजपा कोर कमेटी की बैठक, उम्मीदवारों के नाम पर होगा मंथन

प्रधानमंत्री मोदी अफगानिस्तान मे सलमा डैम की शुरुआत करेंगे। 551 मीटर लंबे इस बाँध को भारत की मदद से बनाया गया है जिसमें करीब 1437 करोड़ रुपे की लागत आई है। हालांकि अफगानिस्तान की इस यात्रा को पिछले महीने मोदी की ईरान यात्रा का विस्तार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ चाबहार समझौते के बाद अफगानिस्तान के जरांज डेलारम हवाई अड्डे की अहमियत बढ़ गई है। पिछले साल मोदी ने भारत की मदद से बनवाए गए अफगानिस्तान के नए संसद भवन का भी उद्घाटन किया था। यह भी पढ़ेंः अफगानिस्तान के पार्लियामेंट पर आतंकियों ने किया रॉकेट हमला

कतर से व्यापार बढ़ाना होगा एजेंडा

नरेंद्र मोदी 4 जून को कतर पहुँचेंगे। यह आठ साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री कतर यात्रा पर जा रहा है। कतर से भारत का व्यापार बढ़ रहा है। खाड़ी देश के पास प्राकृतिक संसाधनों का बड़ा जखीरा है। भारत में अधिकांश सीएनजी वहीं से आयात की जाती है। इसलिए मोदी का यह दौरा अहम माना जा रहा है। कतर में भारत के 6 लाख लोग रहते हैं।

स्विट्जरलैंड से कालाधन वापस लाने पर जोर

नरेद्र मोदी 5 जून को स्विट्जरलैंड पहुँचेंगे। यहाँ मुख्य एजेंडे में काला धन हो सकता है। मोदी जी स्विस बैंक के भारतीय खाताधारकों की सूचना माँग सकते हैं। इसके अलावा निवेश पर भी फोकस किया जाएगा। भारत में बड़ें निवेशकों में स्विट्जरलैंड भी है।

मोदी की अमेरिका की चौथी विजिट, ओबामा से सातवीं बार मुलाकात

इस दौरे में भारत रक्षा, ऊर्जा, तकनीकि जैसे क्षेत्रों की समीक्षा कर सकता है। मोदी जब मार्च में न्यूक्लयर समिट के लिए अमेरिका गए थे तो ओबामा ने उन्हें विजिट के लिए न्यौता दिया था। इस दौरे में मोदी यूएस कांग्रेस की संयुक्त मीटिंग को भी संबोधित करेंगे। यह भी पढ़ेंः अमेरिका से भारत खरीद सकता है F/A-18 फाइटर प्लेन

मैक्सिको से क्या उम्मादें

9 जून को प्रधानमंत्री मोदी अपने आखिरी पड़ाव पर मैक्सको जाएँगें। मैक्सिको से व्यापार और निवेश के लिए समझौते हो सकते हैं। स्पेस, साइंस, ऊर्जा और कृषि से संबंधित समझौते भी हो सकते हैं। पिछले साल सितंबर में न्यूयार्क में प्रधानमंत्री मोदी और मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिका पेना नीटो मिले थे।