नई दिल्लीः कोरोना वायरस लॉकडाउन 3.0 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) ने मंगलवार रात 8 बजे देश 5वी बार संबोधित किया. जिसमें पीएम मोदी ने लॉकडाउन 4 (Lockdown 4) की घोषणा की. अपने संबोधन में पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कई बड़े ऐलान किए, जिनमें सबसे बड़ा ऐलान रहा 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का. उन्होंने कहा कि, कोरोना महामारी से लड़ते हुए दुनिया को 4 महीने से ज्यादा बीत गया.Also Read - दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उठाए सवाल, कहा- शाहरुख खान के बेटे हैं इसलिए आर्यन को प्रताड़ित किया जा रहा

दुनियाभर में 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए और करीब पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की इससे मौत हो गई. कोरोना जैसी गंभीर महामारी के बीच पीएम मोदी ने 26 जनवरी 2001 को गुजरात के कच्छ में आए भूकंप (Kutch Earthquake 2001) को भी याद किया. Also Read - MNS chief राज ठाकरे, मां और बहन समेत कोरोना पॉजिटिव निकले, लीलावती अस्‍पताल में भर्ती

कोरोना से उत्पन्न परिस्थितियों को और इसके बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीयों के साहस को सलाम करते हुए पीएम मोदी ने कच्छ में आए भूकंप को याद करते हुए कहा कि, ‘मैंने अपनी आंखों से कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं. उस दिन हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा था. सब कुछ तहस-नहस, ध्वस्त हो गया था. देखकर ऐसा लगा था, कि जैसे कच्छ मौत की चादर ओढ़कर सो गया हो. कच्छ के ऐसे हालात देखकर कोई भी नहीं सोच सकता था कि यह मंजर अब कभी बदल पाएगा. खुद मुझे यह नहीं समझ आ रहा था कि अब कच्छ पहले जैसा हो पाएगा या फिर नहीं, लेकिन देखते ही देखते कच्छ फिर उठ खड़ा हुआ, चल पड़ा और फिर कच्छ बढ़ चला. Also Read - Chhath Puja 2021: दिल्ली में छठ पूजा पर से हट सकती है रोक! कोरोना पर चर्चा के लिए 27 अक्टूबर को बैठक करेगी DDMA

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, यह हम भारतीयों की संकल्पशक्ति ही है. जो हम ठान लेते हैं तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं रह जाता है. हम हर मुश्किल को पार कर उसे पा लेते हैं. कोई राह मुश्किल नहीं है. और फिर आज तो चाह भी और राह भी है. ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना. भारत और यहां की जनता की संकल्पशक्ति ऐसी है कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है. क्योंकि आत्मनिर्भरता ना सिर्फ सुख और संतोष देती है, बल्कि इसके साथ-साथ सशक्त भी करती है.