कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि आजादी के बाद देश के इतिहास के बारे में जिन इतिहासकारों ने लिखा, उन्होंने विषय की गहराई में उतरे बिना उसके कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की. उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं में एक देश की धरोहर को संजोकर रखना होता है.


प्रधानमंत्री ने कहा कि हम दुनिया को अपने देश की धरोहर दिखाना चाहते हैं, भारत को धरोहर पर्यटन का केंद्र बनाना चाहते हैं. देश के पांच प्रतिष्ठित संग्रहालयों को अंतरराष्ट्रीय मानक के आधार पर विकसित किया जाएगा, कोलकाता में भारतीय संग्रहालय से शुरुआत होगी. मोदी ने शहर के चार पुनर्विकसित धरोहर भवनों– ओल्ड करेंसी बिल्डिंग, बेल्वेदेरे हाउस, मेटकॉफ हाउस और विक्टोरिया मेमोरियल हाल को राष्ट्र को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि ब्रिटिश शासन के दौरान और आजादी के बाद भी जो इतिहास लिखा गया उनमें कई महत्वपूर्ण अध्यायों की अनदेखी की गयी.

 

ओल्ड करेंसी बिल्डिंग में हुए कार्यक्रम को किया संबोधित
प्रधानमंत्री ने ओल्ड करेंसी बिल्डिंग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने 1903 में लिखा था कि भारत का इतिहास वह नहीं है जिसे विद्यार्थी परीक्षाओं के लिए पढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग बाहर से आये, उन्होंने सिंहासन की खातिर अपने रिश्तेदारों, भाइयों को मार डाला….. यह हमारा इतिहास नहीं है. यह स्वयं गुरूदेव ने कहा था. उन्होंने कहा था कि इस इतिहास में इसका उल्लेख नहीं है कि देश के लोग क्या कर रहे हैं. क्या उनका कोई अस्तित्व नहीं है.