नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के बाद कांग्रेस की सरकार के 55 साल के कार्यों की तुलना अपनी सरकार के 55 महीनों के कामकाज से करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस शासनकाल के साल सत्ताभोग वाले थे, जबकि भाजपा की सरकार सेवाभाव वाली सरकार है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की पहचान पारदर्शिता, ईमानदारी तथा भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने, जनता के लिए तेज गति से काम करने के रूप में बनी है. मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा ‘‘कांग्रेस शासनकाल के सत्ताभोग के 55 साल और हमारे सेवाभाव के 55 महीने हैं.’’ प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आप इतनी तैयारी करो कि 2023 में फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़े. उन्होंने कहा कि हमारे पास समर्पण भाव है इसलिए दो सीटों से यहां तक पहुंच गए और अभिमान के कारण आप (कांग्रेस) 44 रह गए.

मोदी ने सरकार के खिलाफ लगाए गए विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए हर किसी की कुछ न कुछ बोलने की मजबूरी भी है. उन्होंने कहा ‘‘यह सही है कि यहां से हमें जनता के बीच जाकर अपने काम का हिसाब देना होता है. मैं आप सभी को चुनावी मैदान में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए शुभकामनाएं देता हूं.’’

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प्रधानमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव में नई पीढ़ी, खासकर पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवा मतदाताओं की अहम भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इस चुनाव में युवा पीढ़ी राष्ट्र को नई दिशा देने में मददगार साबित होगी. मोदी ने सरकार की राह में आ रही बाधाओं के बावजूद विकास के मार्ग पर देश के अग्रसर होने का दावा करते हुए कहा ‘‘चुनौतियों को चुनौती देना जिस देश का स्वभाव होता है वही देश आगे बढ़ता है.’’ उन्होंने 55 साल के सत्ताभोग और 55 महीने की तुलना करते हुए कहा कि संप्रग के कार्यकाल में भारत जीडीपी के आधार पर 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी और आज देश छठे पायदान पर आ गया है. उन्होंने कहा कि स्टील उत्पादन, दूध उत्पादन में अव्वल और मोबाइल फोन निर्माण में भारत आज दुनिया में दूसरे स्थान पर है.

उन्होंने सरकार की आलोचना का स्वागत करते हुए कहा ‘‘मोदी और भाजपा की आलोचना करना ठीक है. लेकिन ऐसा करते हुए देश की बुराई करना ठीक नहीं है. हमें यह सोचना होगा कि लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झूठ बोलना कितना अच्छा है.’’ पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सच सुनने की आदत खत्म होने का आरोप लगाते हुए कहा ‘‘उल्टा चोर चौकीदार को डांटे.’’ उन्होंने कहा ‘‘जिन्होंने आपातकाल लगाया हो, सेना पर तख्तापलट का आरोप लगाया हो, योजना आयोग को जोकरों का समूह कहा हो, देश के मुख्य न्यायाधीश पर महाभियोग की साजिश रच कर न्यायपालिका को धमकाने की कोशिश की हो, राज्यों में चुनी हुई कई सरकारों को बर्खास्त किया हो, वे हम पर संस्थाओं को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं.’’

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उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संप्रग शासनकाल में कैबिनेट के एक फैसले से संबंधित दस्तावेज को फाड़े जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि कांग्रेस हमारी संस्थाओं का कितना सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें डरना ही होगा. ऐसे लोगों से लड़ने के लिए जिंदगी खपाई है. देश में चोर, लुटेरों को डर खत्म हो गया था, ऐसे लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए जनता ने मुझे बिठाया है. विपक्ष के महागठबंधन की पहल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2014 में 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी गई. उन्होंने विपक्ष के गठबंधन की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘अब तो महामिलावट आने वाली है.’’ मोदी ने कहा कि देश ने यह महामिलावट 30 साल देखी है. स्वस्थ समाज महामिलावट से दूर रहता है और मजबूत लोकतंत्र में भरोसा करता है.

(इनपुट – एजेंसी)