नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के लिए ईवीएम पर ‘ठीकरा’ फोड़ने को लेकर कांग्रेस पर बरसते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को विपक्ष को ‘नकारात्मकता’ त्यागने और देश की विकास यात्रा में सकारात्मक योगदान देने की नसीहत दी. उन्होंने झारखंड में भीड़ द्वारा एक युवक की हत्या किए जाने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इसे लेकर पूरे एक राज्य को बुरा बताना अनुचित है और इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए. बिहार में ‘चमकी’ बुखार के कारण बच्चों की लगातार मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिति हमारी 70 साल की विफलताओं में से एक है और हम सभी को मिलकर इन विफलताओं से निबटने के समाधान खोजने होंगे.

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही. उन्होंने हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा, ‘ऐसे अवसर बहुत कम आते हैं जब चुनाव स्वयं जनता लड़ती है. 2019 का चुनाव दलों से परे देश की जनता लड़ रही थी.’ भाजपा नीत राजग को लोकसभा चुनाव में मिले बहुमत को ‘देश की हार’ बताने के लिए कांग्रेस पर बरसते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ऐसा कहना देश के करोड़ों मतदाताओं, किसानों एवं मीडिया का अपमान है. उन्होंने कहा कि ये चुनाव विशेष थे, कई दशकों के बाद पूर्ण बहुमत की सरकारें बनना मतदाताओं की सोच की स्थिरता जाहिर करता है. ‘भाजपा की जीत को लोकतंत्र तथा देश की हार बताना लोकतंत्र का अपमान है.’

विपक्षी कांग्रेस पर तंज करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा ‘कांग्रेस हारी तो देश हार गया. देश यानी कांग्रेस, कांग्रेस यानी देश. अहंकार की एक सीमा होती है.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हारने से देश नहीं हार जाता क्योंकि कांग्रेस देश नहीं है. झारखंड में भीड़ द्वारा एक युवक की हत्या किए जाने को ‘दुखद एवं शर्मनाक’ बताते हुए मोदी ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिले, यह हम मानते हैं. किंतु इसे लेकर पूरे राज्य को गलत बताना अनुचित है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नागरिकों को कठघरे में खड़ा करके हम अपनी राजनीति तो कर सकते हैं लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो सकता.

उन्होंने कहा कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि ‘‘झारखंड मॉब लिन्चिंग का अड्डा हो गया है. दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. किंतु इसे लेकर झारखंड राज्य को दोषी ठहराना उचित नहीं है. हमसे से किसी को भी पूरे झारखंड को बदनाम करने का अधिकार नहीं है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह किसी भी राज्य में हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कानून का ढांचा स्थिति से निपटने में सक्षम है.

बिहार में बच्चों की इन्सैफेलाइटिस के कारण मौत की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए ‘दुख और शर्म’ की बात है. उन्होंने कहा कि आज भी बच्चों का बुखार से मरना देश की 70 साल की विफलताओं में से एक है और हम सभी को मिलकर इन विफलताओं से निबटने के समाधान खोजने होंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बारे में वह राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.