नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोलकाता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पांचवें भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का उद्घाटन किया और कहा कि भारत ने दुनिया को बहुत सारे महान वैज्ञानिक दिए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय इतिहास समृद्ध है, देश का वर्तमान विज्ञान और तकनीकी प्रभावों से भरा है.

पीएम ने कहा, “हमने दुनिया को बहुत से महान वैज्ञानिक दिए हैं. हमारा इतिहास समृद्ध है, हमारा वर्तमान विज्ञान और तकनीकी प्रभावों से भरा है, और हमारा भविष्य जिम्मेदारियों से भरा है. ये जिम्मेदारियां मानवीय और आधुनिक हैं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुरूप हैं.”

पीएम मोदी ने कहा, “विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उन्नति के बिना कोई देश प्रगति नहीं कर सकता.” पीएम ने भारतीय वैज्ञानिकों की तारीफ करते हुए कहा, “हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-दो पर कठिन मेहनत की, सब कुछ योजना के मुताबिक नहीं हुआ, लेकिन यह कामयाब मिशन था.”

देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि चंद्रयान 2 एक सफल मिशन था और इससे युवाओं में विज्ञान को लेकर उत्सुकता पैदा हुयी. प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बिना दुनिया का कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि जीवन के अन्य पहलुओं के विपरीत लोगों को वैज्ञानिक अनुसंधानों से तत्काल परिणामों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि हो सकता है कि वैज्ञानिक खोजों से वर्तमान पीढ़ी को तत्काल मदद नहीं मिले लेकिन भविष्य में यह फायदेमंद हो सकती हैं.

पीएम ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 पर बहुत मेहनत की. सब कुछ योजना के अनुसार नहीं हुआ, लेकिन यह मिशन सफल था. यदि आप व्यापक परिप्रेक्ष्य की ओर देखें, तो आप पाएंगे कि यह भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सूची में एक प्रमुख उपलब्धि है. प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान 2 मिशन ने युवाओं और पुराने लोगों में एक जैसी जिज्ञासा पैदा की. उन्होंने कहा, ‘‘इस जिज्ञासा को रास्ता दिखाना और उन्हें एक मंच देना हमारी जिम्मेदारी है. हमें मानवीय मूल्यों के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुसंधानों को आगे ले जाना होगा. हमारे देश ने दुनिया के कई शीर्ष वैज्ञानिक दिये हैं.’’

बता दें कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विभागों तथा विज्ञान भारती (विभा) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जाने वाला यह वार्षिक महोत्सव आठ नवंबर तक चलेगा. आईआईएसएफ-2019 में देश-विदेश के करीब 12 हजार प्रतिभागी हिस्सा लेंगे. विज्ञान महोत्सव की प्रमुख गतिविधियां मुख्य रूप से कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर और साइंस सिटी में आयोजित की जा रही हैं. महोत्सव के दौरान कुछ कार्यक्रम कोलकाता के सत्यजित रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, बोस इंस्टीट्यूट और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायलॉजी में भी आयोजित किए जाएंगे. आईआईएसएफ-2019 के दौरान 28 से अधिक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे.