नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पंचायती राज दिवस 2020 के अवसर पर देश के विभिन्न गांवों की पंचायतों से मुखातिब हुए. इस दौरान कई मुद्दों पर उन्होंने लोगों को संबोधित किया. इस दौरान पीएम की तरफ से ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत की गई. इस पोर्टल को पंचायती राज मंत्रालय की अनोखी पहल बताई जा रही है. इस लिहाज से यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर ई-ग्राम पोर्टल है क्या और यह पोर्टल किस तरह गांवों में रहने वाले लोगों व किसानों की मदद करेगा. Also Read - प्रधानी लड़ने से नहीं माना बाप तो बेटी को उठा ले गए दबंग, सुनसान जगह पर ले जाकर 4 लोगों ने किया गैंगरेप

ई-ग्राम पोर्टल की बात करें तो इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों को ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने और उसके लागू करने के लिए एक स्थान मिल जाएगा. विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस अवसर पर पीएम स्वामित्व योजना की भी शुरुआत की जाएगी. यही नहीं ई-ग्राम पोर्टल के साथ साथ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है. Also Read - प्रधानमंत्री की देशवासियों से भावुक अपील, बोले- अनलॉक होने के बाद लापरवाही बढ़ गई, अब और सतर्कता दिखाएं

इसकी सहायता से कोई भी नागरिक यह जान पाएगा कि आखिर उसकी ग्राम पंचायत में क्या काम हो रहा है. इस ऐप व पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता आएगी साथ ही सभी रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे. गांवों में संपत्ति को लेकर कई बार कलह की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ऐसे में इसके पोर्टल की लॉन्चिंग स्वामित्व योजना को ठीक करने का प्रयास है. Also Read - PM Narendra Modi Address Nation: पीएम मोदी ने क्यों कहा, गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, नियमों से ऊपर कोई नहीं

इसके तहत पूरे देश के सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से पूरे गांव की हर एक संपत्ति की मैपिंग की जाएगी. फिर गांव के लोगों को उनकी संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. इसके माध्यम से विकास योजनाओं के लिए बेहतर प्लानिंग करने में सरकार को व ग्राम पंचायतों को मदद भी मिलेगी. ये सब होने के बाद शहरों की ही तरह गांवों में भी बैंकों से लोन लिया जा सकता है. स्वामित्व के आधार पर बैंक आपकों लोन देंगे. सरकार का कहना है कि फिलहाल इसकी शुरुआत महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे 6 राज्यों में इसकी शुरुआत की जा रही है. धीरे धीरे इसे हिंदुस्तान के हर गांव में लागू कर दिया जाएगा.

बता दें कि एकीकृत पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय की एक नई पहल है जो ग्राम पंचायतों को अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना को तैयार करने और कार्यान्वित करने में मदद करती है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का भी शुभारंभ किया गया. यह योजना पंचायती राज मंत्रालय, राज्यों के पंचायती राज विभाग, राज्य राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से नवीनतम सर्वेक्षण विधियों द्वारा का ग्रामीण क्षेत्रों में रिहाईशी भूमि के सीमांकन के लिए एकीकृत संपत्ति सत्यापन का रास्ता प्रदान करती है.