नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए प्रवासी श्रमिकों को आय समर्थन देने के लिए 50,000 करोड़ रुपए के ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ की शुरुआत की है. यह अभियान 125 दिनों का है जिसमें प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए 25 अलग तरह के कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. Also Read - Covid-19: रूस को पीछे छोड़ दुनिया में कोरोना से तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना भारत

पीएम ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि आज जब मैं बिहार के लोगों से बात कर रहा हूं तो मैं गौरव के साथ इस बात का ज़िक्र करना चाहूंगा कि बिहार रेजिमेंट ने पराक्रम दिखाया है हर बिहारी को इस पर गर्व है. जिन वीरों ने बलिदान दिया है उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं. Also Read - 11 जुलाई से अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे एयर इंडिया के विमान, बुक कराएं टिकट, जानें डिटेल

पीएम मोदी ने कहा, आज गांव के आप सभी लोगों से बात करके मुझे कुछ राहत भी मिली है और संतोष भी. जब कोरोना का संकट बढ़ना शुरू हुआ था तो राज्य और केंद्र सरकार को आपकी चिंता बनी हुई थी. हमने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई. आज आपकी बातों में जो सम्मान का भाव था, वो मैं महसूस कर रहा था.

पीएम ने कहा, कोरोना का इतना बड़ा संकट, पूरी दुनिया जिसके सामने हिल गई, सहम गई, लेकिन आप डटकर खड़े रहे. भारत के गावों में तो कोरोना का जिस तरह मुकाबला किया है, उसने शहरों को भी बहुत बड़ा सबक दिया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 6 लाख से ज्यादा गांवों वाला हमारा देश, जिनमें भारत की दो-तिहाई से ज्यादा आबादी, करीब 80- 85 करोड़ लोग जहां रहते हैं, उस ग्रामीण भारत में कोरोना के संक्रमण को आपने बहुत ही प्रभावी तरीके से रोका है. उन्‍होंने कहा, ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर्स, जीविका दीदी, इन सभी ने बहुत बेहतरीन काम किया है. ये सभी वाहवाही के पात्र हैं, प्रशंसा के पात्र हैं.

पीएम मोदी ने ने कहा, हमारे देश में भी कई ऐसे लोग हैं जो आपकी पीठ नहीं थपथपाएंगे. कोई पीठ थपथपाए या न थपथपाए, मैं आपकी जय-जयकार करता हूं. आपने अपने हजारों-लाखों लोगों को कोरोना से बचाने का पुण्य किया है. मैं आपको आदरपूर्वक नमन करता हूं.

बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के बीच बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गांवों को लौटे हैं, जहां उनके समक्ष रोजगार की समस्या खड़ी हुई है. यह योजना मुख्य रूप से उन छह राज्यों पर केंद्रित होगी, जहां सबसे अधिक प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौटे हैं.

वहीं, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ के शुभारंभ के दौरान कहा कि लॉकडाउन के दौरान, मैंने विभिन्न जिलों में बिहार लौटने के बाद मजदूरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बातचीत की. मुझे लगा कि वे काम के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना चाहते.

 6 राज्‍यों के 116 जिलों में चलेगा यह अभ‍ियान 
अभियान के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओड़िशा के 116 जिलों में प्रत्येक से 25,000 श्रमिकों को इस अभियान के लिए चुना गया है. इनमें 27 पिछड़े जिले भी शामिल हैं. इन जिलों के तहत करीब 66 प्रतिशत प्रवासी श्रमिक इसमें शामिल होंगे. छह राज्यों के 116 जिलों के गांव इस कार्यक्रम से साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) और कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिये जुड़ेंगे

125 दिनों का अभियान प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराएगा
यह अभियान 125 दिनों का है जिसमें प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए 25 अलग तरह के कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. साथ ही इसके जरिये देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा खड़ा किया जाएगा. इसके लिए 50,000 करोड़ रुपए के संसाधन लगाए जाएंगे.