10 बातें: मोदी ने लॉन्च की 'सौभाग्य' योजना, सभी घरों को 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक देश के सभी गांवों का बिजलीकरण कर दिया जाएगा

Updated: September 25, 2017, 8:14 PM IST

नई दिल्ली। गांव और शहरों के गरीब परिवारों को 24 घंटे बिजली पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सहज बिजली हर घर योजना- सौभाग्य’ की शुरुआत की. इस योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है. इस योजना से देश के लगभग तीन करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा. फिलहाल सौभाग्य योजना के लिए कुछ राज्यों को ही चुना गया है. इस योजना में कुल 16,320 करोड़ रुपये के खर्च की उम्मीद है.

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर शुरू की गई सौभाग्य योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना पर कुल 16,320 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है. इसमें से अधिकतर राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी.

बिजली मंत्री आर के सिंह ने योजना के बारे में बताया कि इसके तहत दिसंबर 2018 तक सभी घरों को बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी घरों को बिजली पहुंचाने के लिये प्री-पेड मॉडल अपनाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिस गांव में अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां तय समय से पहले दिसंबर 2017 तक बिजली पहुंचा दी जाएगी.

क्या है सौभाग्य योजना, क्या है इसका लक्ष्य, इन 10 बिंदुओं में जानिए सभी बड़ी बातें…

  1. भारत सरकार ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सभी इच्छुक घरों बिजली सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना- सौभाग्य’ की शुरुआत की है.
  2. इस योजना में कुल 16,320 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इसमें सरकारी बजट 12,320 करोड़ रुपये का होगा. इसमें ग्रामीण आवासों के लिए 14,025 करोड़ रुपये का खर्च और शहरी आवास का परिव्यय 1732 करोड़ रुपये होगा.
  3. इन घरों तक बिजली पहुंचाने का कार्य 31 मार्च, 2019 तक पूरा होना अपेक्षित है.
  4. ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना- सौभाग्य’ के अंतर्गत संकेद्रित राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, जम्मू एवं कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्य, राजस्थान शामिल हैं.
  5. इस योजना के अंतर्गत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित बिना बिजली वाले आवासों के लिए बैट्री बैंक सहित 200 से 300 WUP का सोलर पॉवर पैक दिया जाएगा. इस पैक में पांच एलईडी लाइटें, एक डीसी पंखा, एक डीसी पॉवर प्लग और पांच वर्ष के लिए मरम्मत एवं अनुरक्षण शामिल हैं.
  6. इन सभी उपकरणओं के पांच साल के मरम्मत का भी खर्च सरकार उठाएगी.
  7. इस योजना से करीब 3 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है. आरएसएस के वरिष्ठ नेता और जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई.
  8. ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने कहा कि हर घर बिजली पहुंचाने के साथ हमलोग 24 घंटे बिजली की योजना भी बना रहे हैं. इस मौके पर आर के सिंह ने कहा कि इसके कनेक्शन के लिए कहीं जाना नहीं है. हम कैंप लगाकर कनेक्शन देंगे.
  9. पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के परामर्श से ग्राम पंचायत को आवेदन पत्र स्वीकार करने, कागजी कार्रवाई पूरा करने, बिलों का वितरण करने, राजस्व संग्रह करने और अन्य गतिविधियों के लिए भी अधिकृत करने का प्रस्ताव है.
  10. रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को इस योजना को देश भर में लागू करने के लिए नोडल एजंसी नियुक्त किया गया है.

सुदूर घरों में बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की इस योजना को एक अच्छी पहल के तौर पर देखा जा रहा है. केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री की दावों पर भरोसा करें तो आगामी आम चुनाव से पहले यह योजना पूरी कर ली जाएगी.  बिजली मंत्रालय के गर्व पोर्टल के अनुसार सरकार ने बिजली से वंचित 18,452 गांवों को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा था. इसमें से 14,483 गांवों को बिजली पहुंचा दी गई है जबकि 2981 में अभी बिजली पहुंचाई जानी है. वहीं 988 गांव ऐसे हैं जहां कोई नहीं रहता.

संबंधित खबरे

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.