नई दिल्ली। गांव और शहरों के गरीब परिवारों को 24 घंटे बिजली पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सहज बिजली हर घर योजना- सौभाग्य’ की शुरुआत की. इस योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है. इस योजना से देश के लगभग तीन करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा. फिलहाल सौभाग्य योजना के लिए कुछ राज्यों को ही चुना गया है. इस योजना में कुल 16,320 करोड़ रुपये के खर्च की उम्मीद है.
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर शुरू की गई सौभाग्य योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना पर कुल 16,320 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है. इसमें से अधिकतर राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी.
बिजली मंत्री आर के सिंह ने योजना के बारे में बताया कि इसके तहत दिसंबर 2018 तक सभी घरों को बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी घरों को बिजली पहुंचाने के लिये प्री-पेड मॉडल अपनाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिस गांव में अब तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां तय समय से पहले दिसंबर 2017 तक बिजली पहुंचा दी जाएगी.
क्या है सौभाग्य योजना, क्या है इसका लक्ष्य, इन 10 बिंदुओं में जानिए सभी बड़ी बातें…
सुदूर घरों में बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की इस योजना को एक अच्छी पहल के तौर पर देखा जा रहा है. केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री की दावों पर भरोसा करें तो आगामी आम चुनाव से पहले यह योजना पूरी कर ली जाएगी. बिजली मंत्रालय के गर्व पोर्टल के अनुसार सरकार ने बिजली से वंचित 18,452 गांवों को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा था. इसमें से 14,483 गांवों को बिजली पहुंचा दी गई है जबकि 2981 में अभी बिजली पहुंचाई जानी है. वहीं 988 गांव ऐसे हैं जहां कोई नहीं रहता.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.