नई दिल्ली:  आज पूरी दुनिया की नजर भारत की तरफ है. जिदगी और मौत की लड़ाई में भारत की दवाइयां एक आशा लेकर आई हैं. दुनिया को विश्वास है कि भारत कुछ ऐसा कर सकता है लोग यह सोच रहे हैं कि भारत कैसे यह कर पा रहा है. उन्होंन कहा कि आज करोड़ों वर्ष का हमारा इतिहास था. उन्होंने कहा कि भारत पहले सोने की चिड़िया था तब भी भारत ने विश्व कल्याण की राह पर था और आज जब दुनिया पूरी तरह से बदल गई तब भी हम विश्व कल्याण की तरफ ही आगे बढ़ रहे हैं. Also Read - 5,000 के पार पहुंची कोविड-19 से मरने वालों की संख्या, कल से शुरू होगा लॉकडाउन से निकलने का पहला चरण; 13 बड़ी बातें

उन्होने के कहा कि हम वो सब काम कर सकते हैं जो विश्व की भलाई के लिए है…उन्होंने कहा कि हमने कच्छ जैसा भयंकर भूकंप भी देखा. तब किसी को विश्वास नहीं था कि कभी उससे उबर पाएंगे लेकिन देखते देखते ही कच्छ फिर से उठ खड़ा हुआ. उन्होंने कहा कि यह भी भारत की पहचान है. यह है भारत की आत्मनिर्भरता की पहचान. Also Read - Mann Ki Baat: मोदी सरकार 2.0 की पहली वर्षगांठ के एक दिन बाद 'मन की बात' करेंगे पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि आज जो लोग आत्मनिर्भर हैं वो इस संकट के दौर में काफी सहजता और आसानी के साथ अपने आप को संभाल रहे हैं और इसका सामना कर रहे हैं. पीएम ने कहा कि हम जितने अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे उतने अधिक मजबूत होंगे. उन्होंने कहा कि जब हमारी संकल्प इच्छा मजबूत है तो हमें कौन आत्मनिर्भर होने से कौन रोक सकताहै..