नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कुछ राज्यों में प्रायोगिक तौर पर आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (एबी-एनएचपीएस) का शुभारंभ करने की घोषणा कर सकते हैं. सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उनकी यह महत्वाकांक्षी योजना पूरी तरह से सितंबर तक शुरू होने की संभावना है.

इस योजना का मकसद हर गरीब परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक का बीमा उपलब्ध कराना है. इस योजना से 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवार लाभान्वित होंगे. सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में इस योजना के बारे में बात करेंगे और वह कल कुछ राज्यों में प्रायोगिक तौर पर इसे शुरू करने की घोषणा भी कर सकते हैं.’’

अधिकारी ने बताया कि पंजाब, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली का अभी इस योजना में शामिल होना बाकी है जबकि ओडिशा ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है. अधिकारी के अनुसार, अभी 22 राज्यों ने ‘‘ट्रस्ट मॉडल’’ के तौर पर इस योजना को लागू करने की बात कही है.

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केंद्र ने इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया में, सरकार द्वारा वित्त पोषित सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है. हालांकि अभी केंद्र द्वारा राज्यों को अपना कोष जारी करना बाकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस योजना के तहत बीमा करने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.

आयुष्मान भारत योजना: 1350 से ज्यादा बीमारियों के इलाज की कीमत हुई तय

इस योजना में सरकार ने 1350 बीमारियों के लिए एक हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक के रेट तय किए हैं. योजना के ड्राफ्ट में 20 से ज्यादा बीमारियों की रोकथाम जैसे कार्डियोलॉजी, कैंसर केयर, न्यूरोसर्जरी और निओनेटल आदि को कवर किया गया है. इन बीमारियों के लिए कीमत को इलाज के आधार पर तय किया गया है. उदाहरण के लिए ऑर्थोपैडिक इलाज में स्किन ट्रैक्शन के लिए जहां एक हजार रुपए तय किए गए हैं वहीं कार्डियो सर्जरी के दौरान आर्च रिप्लेसमेंट के लिए एक लाख साठ हजार रुपए तय किए गए हैं.

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नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों को छूट होगी कि वो इस डॉक्युमेंट में तय की गई कीमत से 10-15 फीसदी ज्यादा चार्ज कर सकें. इस लिस्ट में बच्चों की सर्जरी के साथ-साथ कैंसर और मानसिक बीमारियों के इलाज के अलग-अलग पैकेज भी शामिल हैं. योजना के तहत दिल्ली के किसी भी प्रतिष्ठित प्राइवेट हॉस्पिटल में एंजियोप्लास्टी की लागत 1.5 से 2 लाख रुपए, सी-सेक्शन की करीब 1.5 लाख रुपए और संपूर्ण घुटना प्रत्यारोपण की लागत करीब 3.5 लाख रुपए ही आएगी.