नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद किया. उन्होंने मुख्यमंत्रियों से इस बीमारी को रोकने के लिए सुझाव मांगे. पीएम मोदी ने संवाद के दौरान कहा कि कोरोना वायरस से होने वाली हर मौत दुखी करने वाली है. कई जगहों पर लोग बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, ये बेहद खतरनाक है. पीएम ने कहा कि जितना ज्यादा आप घरों में रहेंगे. एहतियात बरतेंगे, उतनी ही जल्दी न सिर्फ इस महामारी से निजात मिलेगी, बल्कि काम धंधे आसानी से शुरू होंगे. और लोग अपने दफ्तरों में जा सकेंगे. Also Read - बिहार: कोरोना मरीजों की संख्या 12 हजार पार, अब तक 97 मौतें, 24 घंटे में मिले 280 मरीज

पीएम मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के बाद अब देश की अर्थव्यवस्था कुछ आगे बढ़ी है. इस बार खरीफ की फसल पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा हुई है. ये अच्छा संकेत है. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कई तरह के उद्योग धंधों को आगे बढ़ने में बड़ी सहायता मिलेगी. ये बहुत ज़रूरी है. Also Read - LAC से पीछे हटी चीनी सेना, कांग्रेस बोली- क्या प्रधानमंत्री अब सर्वदलीय बैठक वाला बयान वापस लेंगे और माफी मांगेगे

पीएम मोदी ने कहा- हमें हमेशा ध्यान रखना है कि हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उसका बढ़ना जितना रोक पाएंगे, उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, मार्केट खुलेंगे, ट्रांसपोर्ट के साधन खुलेंगे, और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे. हमारे यहां जो छोटी फैक्ट्रियां है, उन्हें गाइडेंस की, हैंड होल्डिंग की बड़ी जरूरत है. मुझे पता है आपके नेतृत्व में इस दिशा में काफी काम हो रहा है. ट्रेड और इंडस्ट्री अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ सकें, इसके लिए वैल्यू चेन्स पर भी हमें मिलकर काम करना होगा.
किसानों के उत्पाद की मार्केटिंग के क्षेत्र में हाल में जो रिफॉर्म्स किए गए हैं, उससे भी किसानों को बहुत लाभ होगा. इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए विकल्प उपलब्ध होंगे, उनकी आय बढ़ेगी और स्टोरेज के अभाव के कारण उनको जो नुकसान होता था, उसे भी हम कम कर पाएंगे.  लोकल प्रोडक्ट के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड रणनीति की घोषणा की गई है, उसका भी फायदा सभी राज्यों को होगा. इसके लिए ज़रूरी है कि हम हर ब्लॉक, हर जिले में ऐसे प्रोडक्ट्स की पहचान करें, जिनकी प्रोसेसिंग या मार्केटिंग करके, एक बेहतर प्रोडक्ट हम देश और दुनिया के बाजार में उतार सकते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि जब कभी भारत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अध्ययन होगा, तो ये दौर इसलिए भी याद किया जाएगा कि कैसे इस दौरान हमने साथ मिलकर काम किया. दुनिया के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स, हेल्थ के जानकार, लॉकडाउन और भारत के लोगों द्वारा दिखाए गए अनुशासन की आज चर्चा कर रहे हैं. आज भारत में रिकवरी रेट 50 प्रतिशत से ऊपर है.
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