इजरायल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल में मोशे होल्ट्जबर्ग से मुलाकात की. मोशे से मुलाकात का प्रधानमंत्री मोदी का फैसला उनके परिवार के लिए भावुक क्षण रहा. मोशे अब अपने दादा-दादी..रब्बी शिमोन रोसेनबर्ग और येहुदित रोसेनबर्ग के साथ आफुला में रहता है. सांद्रा सैम्यूल्स 53 को सितंबर, 2010 में इस्राइल की मानद नागरिकता दी गई थी. वह अक्सर यरूशलम स्थित अपने घर से मोशे और उसके दादा-दादी से मिलने जाती रहती हैं. सैम्यूल्स को भी प्रधानमंत्री से मिलने के लिए आमंत्रित किया गया.Also Read - Covid-19 New Variant Omicron: नए वैरिएंट ने मचाई दहशत, पीएम मोदी की अहम बैठक, सतर्कता बरतने का दिया निर्देश

— ANI (@ANI_news) July 5, 2017 Also Read - Farm Laws Repealed: हरियाणा के सीएम खट्टर ने की पीएम मोदी से मुलाकात, MSP पर कह दी बड़ी बात

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प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान 11 साल के मोशे से कहा, आप किसी भी समय भारत की यात्रा कर सकते हैं, आपको और आपके परिवार को लॉन्ग टर्म वीजा दिया जाएगा. वहीं मोशे ने पीएम मोदी से कहा कि ‘डियर मिस्टर मोदी, मैं आपसे और भारत के लोगों से प्यार करता हूं’. मुलाकात के दौरान मोशे भावुक नजर आया. वहीं पीएम मोदी के साथ इजरायली पीएम नेतन्याहू भी मौजूद थे.

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोशे को भारत आने का निमंत्रण दिया. उन्होंने साथ ही इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि वे मोशे को अपने साथ लेकर भारत आएंगे. पीएम मोदी ने इस दौरान मोशे की नानी और दादा-दादी से मुलाकात की. पीएम मोदी ने मोशे को अपनी तरफ से एक तोहफा भी दिया.

 India anytime,will give you & your family long term visa:PM Modi to Moshe the now 11-yr-old survivor of 26/11 attacks pic.twitter.com/oJi7Ky3mo9

#WATCH ‘PM Modi invited me to India and you will come with me’, PM Netanyahu to Moshe #IndiaIsraelfriendship pic.twitter.com/r9jRvP4eAy

26/11 को मुंबई में मुंबई के नरीमन हाउस समेत पांच अलग-अलग जगहों पर आतंकी हमला किया था. इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली थी. आतंकी हमले के दौरान मोशे अपने मम्मी-पापा के साथ मुंबई के नरीमन हाउस में मौजूद था. इस आतंकी हमले में मोशे के माता-पिता रिवका और गैवरियल होल्ट्जबर्ग भी मारे गये थे.

मोशे के माता-पिता जब मुंबई हमले में मारे गए तो वह महज दो साल का था मोशे के दूसरे जन्मदिन से थोड़ा पहले पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई में कई जगह हमले किए थे. उन्होंने चाबड़ हाउस को भी अपना निशाना बनाया था. इस हमले में मोशे के पिता-माता..रब्बी गेवरियल तथा रिवका होल्ट्जबर्ग मारे गए थे. वे चाबड़ हाउस के निदेशक थे.

मोशे की देखभाल करने वाली सहायिका सांद्रा सैम्यूल्स भी इमारत में मौजूद थी, लेकिन वह एक कमरे में सीढ़ियों के नीचे छिपकर जान बचाने में सफल रही थी. वह तब बाहर आई जब उसने मोशे के रोने की आवाज सुनी और उसे उसके माता-पिता के शवों के बीच खड़े पाया. उसने उसे गोद में उठाया और इमारत से बाहर निकल गई. इस इमारत को नरीमन हाउस नाम से भी जाना जाता है जो व्यापक नवीनीकरण के बाद 2014 में फिर से खुला.

मोशे अब अपने दादा-दादी..रब्बी शिमोन रोसेनबर्ग और येहुदित रोसेनबर्ग के साथ आफुला में रहता है. सांद्रा सैम्यूल्स (53) को सितंबर, 2010 में इजरायल की मानद नागरिकता दी गई थी. वह अक्सर यरूशलम स्थित अपने घर से मोशे और उसके दादा-दादी से मिलने जाती रहती हैं. सैम्यूल्स को भी प्रधानमंत्री से मिलने के लिए आमंत्रित किया गया.