नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से अपना भाषण खत्म करने के बाद जब वहां मौजूद बच्चों के बीच पहुंचे तो बच्चों के उत्साह की कोई सीमा नहीं थी. मुस्कुराते हुए प्रधानमंत्री सुरक्षा घेरे को पीछे छोड़कर आजादी के जश्न पर उत्साहित बच्चों के बीच कुछ देर तक घिरे रहे. लाल किले के मुख्य आयोजन स्थल पर हर बार की तरह इस साल भी बच्चों ने केसरिया, सफेद और हरे रंगे की पोशाक पहन रखी थी.

अपना संबोधन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद लोगों की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया और वहां से रवाना होने के लिये अपने वाहनों के काफिले की तरफ बढ़ चले. कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते वक्त वह रुके और अपनी कार से बाहर निकल कर सुरक्षा घेरा पीछे छोड़ उस जगह पहुंच गए जहां बच्चे बैठे थे. ये देख बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उत्साहित बच्चे उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में आगे बढ़े. प्रधानमंत्री कुछ देर तक बच्चों के बीच खड़े रहे. राष्ट्र ध्वज के रंग में कपड़े पहने बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था. हर कोई मोदी की झलक पाने के लिये, उनसे हाथ मिलाने के लिये आगे आने की कोशिश कर रहा था. जो बच्चे पहली कतार में बैठे थे उन्हें प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने का भी मौका मिला.

 

सरकारी मॉडल स्कूल दरियागंज में कक्षा छह की छात्रा महवीश परवीन (13) ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा, मैं देश के प्रधानमंत्री के इतने करीब थी. परवीन ने कहा कि जिस वक्त मैंने उन्हें अपनी तरफ आते देखा मैं उनकी तरफ दौड़ पड़ी. मैं सिर्फ उनका हाथ छू सकी क्योंकि कई लड़कियां उनसे हाथ मिलाने की कोशिश कर रही थीं. मैं खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती हूं. एक अन्य सरकारी स्कूल की कक्षा सात के छात्र अल मदीहा की खुशी का भी प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने के बाद कोई ठिकाना नहीं है.

एक अन्य छात्र आफरीन शरीफ (14) हालांकि मोदी के करीब पहुंचने के बाद भी उनसे हाथ नहीं मिला पाने को लेकर निराश थीं. उन्होंने कहा कि लोग प्रधानमंत्री के करीब जाने के दिये धक्का दे रहे थे, लेकिन हमारी टीचर ने हमें बताया था कि जब वो हमारे पास आएं तो भागना नहीं है और अनुशासन बनाए रखना है. मुझे दुख है कि मैं मोदीजी से हाथ नहीं मिला सकी.

मोदी के भाषण की सबसे अच्छी बात के बारे में पूछे जाने पर आनंद विहार के एक स्कूल की 11वीं की छात्रा विभा कुमारी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने जब तीन तलाक के बारे में बोला तो मुझे अच्छा लगा क्योंकि हमनें सुना है कि कई महिलाएं इससे पीड़ित हैं. जीनत, सुमन जैसी कई अन्य छात्राओं ने भी प्रधानमंत्री द्वारा तीन तलाक के साथ ही स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे मुद्दे उठाए जाने की सराहना की. इससे पहले, प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान भी बच्चों ने जम कर तालियां बजाईं.