नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 69वें जन्मदिन पर अपनी मां हीराबा से गांधीनगर में उनके आवास पर मुलाकात की. पीएम मोदी ने मां हीराबा से आशीर्वाद लिया और उनके साथ लंच भी किया. खाना खाते समय पीएम मोदी ने मां से ढेर सारी बातें की. पीएम मोदी जब मुलाकात करके निकलने लगे तो मां हीराबा ने उन्हें 501 रुपये का नेक भी दिया. पीएम मोदी ने वहां पर आम लोगों से भी बातें की. साथ ही उन्हें ऑटोग्राफ भी दिए.

 

इससे पहले, उन्होंने सरदार सरोवर बांध के पूरा भर जाने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह नमामि देवी नर्मदे का उद्घाटन किया. कार्यक्रम के बाद वह मां से मिलने उनके आवास पर पहुंचे और उनके साथ भोजन किया. टीवी पर तस्वीरों में प्रधानमंत्री हाथ जोड़कर मां का अभिवादन करते और मां अपने बेटे को आशीर्वाद देती नजर आ रही हैं. वैसे तो मोदी को मंगलवार सुबह, सरदार सरोवर बांध के कार्यक्रम से पहले ही मां से मिलने जाना था लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव किया गया.


पीएम मोदी ने सुबह की देवी नर्मदा की आरती
इससे पहले आज सुबह पीएम नरेंद्र मोदी सरदार सरोवर बांध पर देवी नर्मदा की आरती की. उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद थे. मोदी केवडिया स्थित तितली उद्यान भी गए. मोदी ने अपनी दो दिन की गुजरात यात्रा की शुरुआत ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ और सरदार सरोवर बांध जाकर की. ऐसा कहा जाता है कि ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है और इसका उद्घाटन मोदी ने पिछले साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर किया था. इससे पहले उन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से बनाया गया सरदार पटेल की मूर्ति का वीडियो भी पोस्ट किया.

सरदार पटेल की दूरदृष्टि की तारीफ
यहां पर आयोजित एक सभा में सरदार पटेल की दूरदृष्टि की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पर लिया गया निर्णय भारत के पूर्व गृह मंत्री से “प्रेरित” है. जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार का निर्णय सरदार पटेल से प्रेरित है और ये दशकों पुरानी समस्या का समाधान पाने की एक कोशिश है. मोदी मंगलवार को 69 वर्ष के हो गए. सरकार ने पिछले महीने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म कर दिया था, जिनके आधार पर राज्य को विशेष दर्जा मिला था. इसके साथ ही राज्य को दो हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट कर उन्हें केंद्र शासित राज्य बनाने का निर्णय भी लिया गया.

हैदराबाद मुक्ति दिवस सरदार पटेल की दूरदृष्टि का परिणाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि हैदराबाद मुक्ति दिवस सरदार पटेल की दूरदृष्टि का परिणाम है. हैदराबाद मुक्ति दिवस हर साल 17 सितंबर को ही मनाया जाता है . इसी दिन 1948 में हैदराबाद रियासत का भारत में विलय हुआ था. तत्कालीन गृह मंत्री पटेल ने 1947 में हैदराबाद रियासत के अंतिम निजाम उस्मान अली खान आसफ जाह सातवें से भारत में शामिल होने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. इसके बाद सितंबर 1948 में हैदराबाद “पुलिस एक्शन” शुरु हुआ, जिसका कूट नाम ऑपरेशन पोलो था. इसके बाद हैदराबाद का भारत में विलय हो गया.

सरदार सरोवर परियोजना को सफल बनाने के लिए लाखों लोगों का व्यक्त किया आभार
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि 133 साल पुराने ‘स्टेच्यु ऑफ लिबर्टी’ को देखने प्रतिदिन 10,000 लोग जाते हैं, लेकिन ‘स्टेच्यु ऑफ यूनिटी’ का लोकार्पण हुए सिर्फ 11 महीने ही हुए हैं और यहां 8,500 लोग प्रतिदिन आते हैं. उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान की जरूरतों को पूरा कर रही है और वह सरदार सरोवर परियोजना को सफल बनाने के लिए काम करने वाले लाखों लोगों का आभार व्यक्त करते हैं. (इनपुट एजेंसी)