नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सुबह गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया में देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 144वीं जयंती पर उन्‍हें श्रद्धांजलि दी. पीएम ने सुबह सबसे पहले स्‍टेच्‍यू ऑफ यूनिटी को पुष्‍पांजलि अर्पित कर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी. उन्‍होंने केवडि़या में आयोजित ‘एकता दिवस परेड’ में हिस्सा लिया.

पीएम केवडिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ‘एकता दिवस परेड’ में देश की एकता और अखंड की शपथ भी मौजूद लोगों को दिलाई. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम लोगों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार अभी सुनें, उनकी आवाज हमारे कानों में गूंजना, उनके विचारों की वर्तमान में महत्ता, प्रतिपल देश की एकता और अखंडता के बारे में सोचना. उनकी वाणी में जो शक्ति थी और उनके विचारों में जो प्रेरणा थी, उसे हर हिंदुस्तानी महसूस कर सकता है.

पीएम ने कहा, धारा 370 ने केवल जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद दिया. यह देश का एकमात्र स्थान था जहां अनुच्छेद 370 मौजूद था, जहां पिछले 3 दशकों में, 40,000 से अधिक लोग मारे गए और कई माताओं ने आतंकवाद के कारण अपने बेटों को खो दिया. अब धारा 370 की यह दीवार ढहा दी गई है.

हर साल 31 अक्टूबर को पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी. प्रधानमंत्री जब पटेल को पुष्पांजलि अर्पित कर रहे थे, तभी भारतीय वायुसेना के एक हेलि‍कॉप्टर से दुनिया की इस सबसे बड़ी प्रतिमा पर फूल बरसाए गए.

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल आज ही के दिन सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मौजूद लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई.

पीएम यहां ‘एकता परेड’ का निरीक्षण किया. इस परेड में गुजरात पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने हिस्सा लिया.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया. सीआईएसएफ के जवानों ने दिखाया कि हवाईअड्डों पर आतंकवादियों से वह किस तरह निपटेंगे. वहीं, एनडीआरएफ ने भूकंप और गैस रिसाव की स्थिति में बचाव अभियान का प्रदर्शन किया. एनएसजी के जवानों ने दिखाया कि आतंकवादी हमले को वह किस तरह विफल करेंगे.

पीएम मोदी का बुधवार रात को अहमदाबाद हवाईअड्डे पर आगमन हुआ. उनकी अगवानी में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और कई अन्य प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी मां हीराबा से गांधीनगर के निकट रायसन गांव में मुलाकात की थी. राजभवन जाने के दौरान प्रधानमंत्री ने अपनी मां हीराबा से मुलाकात की. हीराबा अपने छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ रहती हैं.

प्रधानमंत्री ने अपनी मां के साथ 20 मिनट बिताए और इसके बाद वह राज भवन चले गए। प्रधानमंत्री राजभवन में रात में विश्राम किया.  (इनपुट- एजेंसी)