नई दिल्ली. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया. बताया जा रहा है कि बीमारी की वजह से 81 साल की अवस्था में उनका देहांत हो गया. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह सीने में जकड़न की शिकायत के बाद एस्कार्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दिल्ली में कांग्रेस पार्टी का चेहरा बदलने वाली और पार्टी को लगातार तीन साल तक राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के सिंहासन पर बरकरार रखने वाली नेता के निधन से कांग्रेस में शोक की लहर है. पार्टी ने शीला दीक्षित के निधन के तुरंत बाद टि्वटर पर शेयर किए गए पोस्ट में इसको लेकर शोक जताया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने भी शीला दीक्षित के निधन पर अपनी शोक संवेदना प्रकट की है.

कांग्रेस पार्टी ने शीला दीक्षित के निधन पर अपने शोक संदेश में कहा है कि आजीवन कांग्रेस पार्टी की सक्रिय सदस्य रहने वाली एक नेता के निधन पर आज हम सब दुखी हैं. तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के निधन पर पार्टी शोक व्यक्त करती है और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती है. ईश्वर ऐसे में शीला दीक्षित के परिवार के सदस्यों को धीरज रखने की शक्ति प्रदान करे.

इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता शीला दीक्षित के निधन पर गहरा दुख जताया है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा है कि शीला दीक्षित के निधन की खबर से बेहद दुखी हूं. वह बेहद मिलनसार थीं. उन्होंने दिल्ली के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसे हमेशा याद किया जाएगा. पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा है कि दुख की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों के साथ हूं. इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शीला दीक्षित के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. राहुल ने अपने ट्वीट में कहा है कि शीला दीक्षित के निधन का समाचार सुनकर दुख हुआ. वह कांग्रेस पार्टी की बेटी थीं, जिनके साथ मेरा व्यक्तिगत जुड़ाव रहा था. राहुल गांधी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दिल्ली के साथ है, जिसकी लगातार 15 वर्षों तक उन्होंने सेवा की.