नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विरोधियों पर लोगों के बीच डर फैलाने और नागरिकता संशोधन कानून पर मुस्लिमों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं में कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया. दिल्ली में एक जनसभा संबोधित करते हुए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि मोदी का पुतला निकालकर जितने जूते मारना है मारो, पुतला फूंकना है फूंको मगर देश की संपत्ति मत जलाओ, गरीब का रिक्शा मत फूंको. प्रधानमंत्री ने कहा कि जितना नफरत, गुस्सा है वो मोदी पर निकालो. उन्होंने भाषण की शुरुआत से पहले ‘विविधता में एकता- भारत की विशेषता’ के नारे लगवाए. माना जा रहा है कि इस नारे के जरिए पीएम मोदी ने मौजूदा समय देश में सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को लेकर सद्भावना बरकरार रखने का संदेश दिया.

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से भरे रामलीला मैदान में पीएम मोदी ने कहा, “जीवन से जब अनिश्चितता निकल जाती है तो एक बड़ी चिंता हट जाती है, तब उसका प्रभाव क्या होता है, आप सबके चेहरे पर देख रहा हूं. मुझे संतोष है कि दिल्ली के 40 लाख लोगों के जीवन में नया सबेरा लाने का एक उत्तम अवसर मुझे और भाजपा को मिला है. आपको अपने घर, जमीन और जीवन की सबसे बड़ी पूंजी पर संपूर्ण अधिकार मिला. इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत बधाई.”

उन्होंने कहा, “आजादी के इतने दशकों के बाद तक दिल्ली की एक बड़ी आबादी को घरों को लेकर चिंता, छल-कपट और झूठे चुनावी वादों से गुजरना पड़ा है. सीलिंग, बुलडोजर और कट ऑफ डेट के इर्द गिर्द एक आबादी की जिंदगी गुजर रही थी. आपको इस चिंता से मुक्त करने और स्थाई समाधान करने की नीयत इन लोगों ने कभी नहीं दिखाई.”

यह रैली मोदी सरकार की ओर से दिल्ली की 1,700 से अधिक अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के फैसले पर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने के लिए आयोजित हुई है. इस फैसले से 40 लाख लोगों को फायदा मिलने का दावा किया जा रहा है.

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “जब केजरीवाल सरकार अवैध कॉलोनियों के लोगों को मालिकाना हक देने में असफल हुई तब केंद्र सरकार ने इसे अपने हाथ में लिया. जो काम 11 साल में नहीं हुआ, मोदी सरकार ने उसे कुछ ही महीने में कर दिया जबकि 1,731 कालोनियों को वर्ष 2008 से ही नियमित करने की योजना थी. डीडीए झुग्गी में रहने वाले दो लाख लोगों को मकान देगा. ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ योजना चलाई जा रही, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक हर बेघर को घर देने का वादा किया है.”

प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गरीबों का मसीहा बताते हुए कहा, “भाजपा जो कहती है वो करती है. हमारी एक ही पहचान है, एक ही मंत्र है, हम जो कहते हैं वो करते हैं. दिल्ली में भी पांच साल भाजपा की जरूरत है.”

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “45 दिन बाद चुनाव होना है. मैं भविष्यवाणी करता हूं कि भाजपा की सरकार बहुमत से बनेगी. इस चुनाव के दो विषय हैं. आपको विकास चाहिए या विनाश चाहिए. राष्ट्रवाद चाहिए या अराजकता चाहिए. जो देशद्रोही नारे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में लगे, ऐसे नारों का समर्थन करने वाला चाहिए या इसे खत्म करने वाला चाहिए, इसका फैसला दिल्ली की जनता को करना है. आपको राम मंदिर वाली सरकार चाहिए या फिर विरोध करने वाली सरकार चाहिए.”

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने केजरीवाल सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा, “हम हिंदू राष्ट्र नहीं बनाने आए हैं बल्कि हिंदुस्तान को हिंदुस्तान ही बनाए रखना चाहते हैं.” उन्होंने विपक्ष पर नागरिकता संशोधन कानून के बहाने छात्रों को प्रदर्शनों में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. सांसद हंसराज हंस ने गाना गाकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा.

उन्होंने कुछ यूं गाना गाया, ‘मोदी का एक ही झटका, अब कोई काम न लटका, कालोनियों को पास करा दिया, बिल भी पास करा दिया, मोदी जी रहें सलामत, भारत को दुनिया में चमका दिया, दिल मोदी जी ने मोह लिया.’ मंच पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, हरदीप सिंह पुरी, डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, भाजपा उपाध्यक्ष दुष्यंत कुमार गौतम, श्याम जाजू, हंसराज हंस, गौतम गंभीर, प्रवेश वर्मा, विजेंद्र गुप्ता, सतीश उपाध्याय, महामंत्री कुलजीत चहल, रमेश विधूड़ी आदि नेताओं को जगह मिली. मोदी ने कहा कि शहरों में रहने वाले पढ़े-लिखे ‘नक्सली’ अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा, “कैसा झूठ फैलाया जा रहा हैं. कुछ तो शिक्षा की कद्र करिए.”

(इनपुट आईएएनएस)