नई दिल्‍ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए लोकसभा में हिंदी के कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता की पंक्तियों उसकी लाइन लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने ऐसे अनिर्मित पन्थ प्यारे हैं.” का उल्‍लेख किया.

पीएम ने कहा, 21वीं सदी के तीसरे दशक में माननीय राष्ट्रपति जी का वक्तव्य हम सभी को दिशा व प्रेरणा देने वाला और देश के लोगों में विश्वास पैदा करने वाला है. पीएम ने कहा, लोगों ने सिर्फ एक सरकार बदली है, केवल ऐसा नहीं है, बल्कि सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है. इस देश की एक नई सोच के साथ काम करने की इच्छा और अपेक्षा के कारण हमें यहां आकर काम करने का अवसर मिला है. पीएम ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की जिस कविता का का उल्‍लेख उसे आप यहां पूरी पढ़ सकते हैं..

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता

लीक पर वे चलें जिनके
चरण दुर्बल और हारे हैं,
हमें तो जो हमारी यात्रा से बने
ऐसे अनिर्मित पन्थ प्यारे हैं।

साक्षी हों राह रोके खड़े
पीले बाँस के झुरमुट,
कि उनमें गा रही है जो हवा
उसी से लिपटे हुए सपने हमारे हैं।

शेष जो भी हैं-
वक्ष खोले डोलती अमराइयाँ;
गर्व से आकाश थामे खड़े
ताड़ के ये पेड़,
हिलती क्षितिज की झालरें;
झूमती हर डाल पर बैठी
फलों से मारती
खिलखिलाती शोख़ अल्हड़ हवा;
गायक-मण्डली-से थिरकते आते गगन में मेघ,
वाद्य-यन्त्रों-से पड़े टीले,
नदी बनने की प्रतीक्षा में, कहीं नीचे
शुष्क नाले में नाचता एक अँजुरी जल;
सभी, बन रहा है कहीं जो विश्वास
जो संकल्प हममें
बस उसी के ही सहारें हैं।

लीक पर वें चलें जिनके
चरण दुर्बल और हारे हैं,
हमें तो जो हमारी यात्रा से बने
ऐसे अनिर्मित पन्थ प्यारे हैं ।
(कविताकोश से साभार)

बता दें कि इस कविता के रचियता सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जन्म उत्तर प्रदेश के बस्ती में 15 सितंबर, 1927 को हुआ. उन्होंने अपनी पढ़ाई इलाहाबाद में रहकर की थी. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने ऑल इंडिया रेडियो के हिंदी समाचार विभाग में काम किया और बाद में ‘दिनमान’ पत्रिका का प्रकाशन आरंभ होने पर वह इससे जुड़ गए. साल 1982 में वह लोकप्रिय बाल पत्रिका ‘पराग’ के संपादक बने. 23 सितंबर, 1938 को नई दिल्ली में उनका निधन हो गया. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना को कविता संग्रह ‘खूंटियों पर टंगे लोग’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.