नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कोरोना वारयस महामारी से लड़ाई में आगे की दिशा लिए राज्यों से सुझाव मांगते हुए इस संकट से निपटने में उनसे संतुलित रणनीति का आह्वान किया. पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत में कहा, ‘‘जहां भी हमने सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया, लॉकडाउन के नियमों के क्रियान्वयन में ढिलाई बरती, वहीं हमारी समस्याएं बढ़ गयीं.’’ उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रियायतों के बाद भी कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी.Also Read - New Education Policy: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एक साल पूरा होने के अवसर पर प्रधानमंत्री करेंगे कार्यक्रम को संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संकेत दिया कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मुख्य रूप से ध्यान संक्रमण फैलने की दर कम करने और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए धीरे-धीरे सार्वजनिक गतिविधियां बढ़ाने पर देना होगा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में नयी जान डालने की रूपरेखा तैयार करने के लिए उनके सुझावों पर विचार किया जा रहा है. Also Read - CoronaVirus In India Latest Report: बड़ी राहत-कोरोना से मौत के आंकड़े लगातार हो रहे कम, एक दिन में 416 लोगों की गई जान

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद सोमवार रात प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि अर्थव्यवस्था पर रोडमैप के लिए राज्यों द्वारा दिये गये सुझावों पर उचित ध्यान दिया गया. बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीवन का नया मार्ग ‘व्यक्ति से पूर्ण मानवता की ओर’ के सिद्धांत पर होगा. प्रधानमंत्री मोदी मोदी ने कहा, “पहले चरण में लॉकडाउन के जिन कदमों की जरूरत थी, उनकी दूसरे चरण में नहीं थी, तीसरे चरण में जरूरी कदमों की चौथे में आवश्यकता नहीं.” Also Read - दिलीप घोष बोले- ममता बनर्जी 'भीख' के लिए PM मोदी से मिलना चाहती हैं, TMC ने कहा- जाहिलों जैसी बात न करें

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मोदी ने यह भी कहा कि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए ट्रेन सेवाएं बहाल करना जरूरी है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि सभी मार्गों पर ट्रेनें अभी नहीं चलाई जाएंगी और सीमित संख्या में ही रेलगाड़ियां चलेंगी.

मोदी ने कहा, ‘‘अब हम कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जैसा होना चाहिए. हमारे सामने दोहरी चुनौती है- एक बीमारी का संक्रमण फैलने की दर को कम करना और दूसरा समस्त दिशानिर्देशों का पालन करते हुए धीरे-धीरे सार्वजनिक गतिविधियों को बढ़ाना. हमें इन दोनों उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए काम करना होगा.’’

बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा, ‘‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि लॉकडाउन के पहले चरण में जिन उपायों की जरूरत थी, वे दूसरे चरण में जरूरी नहीं थे और इसी तरह तीसरे चरण में आवश्यक कदम चौथे में जरूरी नहीं हैं.’’ उन्होंने मुख्यमंत्रियों से इस बारे में 15 मई तक व्यापक रणनीति के लिए सुझाव देने को कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में लॉकडाउन की व्यवस्था से कैसे निपटना चाहते हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन बढ़ाये जाने का समर्थन किया
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाये गये लॉकडाउन को बढ़ाये जाने का सोमवार को समर्थन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंस में सिंह ने कहा कि वायरस के मामलों में ‘वृद्धि’ के मद्देनजर लॉकडाउन को जारी रखे जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि रेड, ओरेंज/येलो जोन बनाने का निर्णय राज्यों पर छोड़ा जाना चाहिए, जिनके पास जमीनी वास्तविकता के बारे में अधिक जानकारी होती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के वित्तीय तथा आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.

गोवा के मुख्यमंत्री ने मोदी से कहा : अंतरराज्यीय परिवहन पर आंशिक रूप से प्रतिबंध हटाएं
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन पर आंशिक रूप से प्रतिबंध हटाया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खनन और पर्यटन गतिविधियों को शुरू करने की मांग की. प्रधानमंत्री ने 17 मई को समाप्त हो रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण से पहले कोविड-19 की रोकथाम की रणनीति पर मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चर्चा की.

(इनपुट भाषा)