New Education Policy: पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि नई शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों का शीघ्र लागू होना बेहद जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि नई शिक्षा नीति (New Education Policy)के सभी प्रावधानों को प्री- नर्सरी से पीएचडी तक लागू किया जाना चाहिए.Also Read - पीएम मोदी ने 'बधिर ओलंपिक’ के खिलाड़ियों से मुलाक़ात की, कहा- आपने भारत को गौरवान्वित किया

पीएम ने एक वेबिनार में कहा कि एक आत्मनिर्भर भारत (Aatmnirbhar Bharat) का निर्माण करने के लिए देश के युवकों का आत्मविश्वास बढ़ाना बेहद जरूरी है. आत्मविश्वास तभी आता है, जब युवकों को अपनी शिक्षा और ज्ञान पर पूरा भरोसा हो. आत्मविश्वास तब आता है, जब उन्हें यह महसूस हो कि उनका अध्ययन उन्हें अपना काम करने के लिए उचित अवसर और अनिवार्य कुशलता दिलाता है. Also Read - IANS C-Voter Survey: PM के रूप में नरेंद्र मोदी लोगों की पहली पसंद, जानें अरविंद केजरीवाल-राहुल गांधी कितने पीछे?

पीएम मोदी ने शिक्षा के संदर्भ में बने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट शिक्षा की सभी नीतियों के पूरा करने के लिए पर्याप्त है. उनके अनुसार नई शिक्षा नीति से ना सिर्फ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे कैपिटलिस्म को भी प्रोत्साहन मिलेगा. आज भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (Global Innovation Index) में 50 देशों की सूची में शामिल हो गया है. आगे इसे शीर्ष पर लाने का प्रयास चलता रहेगा. Also Read - नेपाल दौरे के बाद लखनऊ पहुंचे पीएम मोदी, योगी सरकार के मंत्रियों से की मुलाकात

इंडिया में स्टार्टअप के लिए हैकथॉन आयोजित किया जा रहा है, जो कॉफी फायदेमंद है. निधि (National Initiative for Development and Promotion of Innovation) के जरिए देश में 3500 से ज्यादा स्टार्टअप बनाये जा रहे हैं.

पीएम ने कहा कि भारत में हाईड्रोजन मिशन पर गंभीरता से काम किया जाएगा. हाईड्रोजन मिशन (Hydrogen Mission) फ्यूचर फ्यूल (Future Fuel) और ग्रीन एनर्जी (Green Energy) को मजबूती देगा. प्रधानमंत्री ने वेबिनार में स्थानीय भाषाओं का भी जिक्र किया है. उनका कहना है कि विश्व के श्रेष्ठ साहित्य को भारत की हर भाषा में तैयार करने की जिम्मेदारी भाषा विशेषज्ञों एवं विद्यालयों की है.