केवडिया (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद संबोधित करते हुए कहा, दशकों तक हम भारतीयों के बीच इस आर्टिकल 370 ने एक अस्थाई दीवार बना रखी थी. हमारे जो भाई-बहन इस अस्थाई दीवार के उस पार थे, वो भी असमंजस में रहते थे. जो दीवार कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद बढ़ा रही थी, अब वो दीवार गिरा दी गई है. आर्टिकल 370 ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया. Also Read - ममता बनर्जी ने कहा- कोरोना न रोक पाने की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दें पीएम मोदी, संकट देखते हुए भी कुछ नहीं किया

हम लोगों ने सरदार पटेल जी के ये विचार सुने. उनकी वाणी में जो शक्ति थी, उनके विचारों में जो प्रेरणा थी, उसे हम महसूस कर सकते हैं. जिस तरह किसी श्रद्धास्थल पर आकर, असीम शांति मिलती है, एक नई ऊर्जा मिलती है, वैसी ही अनुभूति मुझे यहां सरदार साहेब के पास आकर होती है. पीएम ने कहा, देश के अलग-अलग कोने से, किसानों से मिले लोहे से, अलग-अलग हिस्सों की मिट्टी से इस प्रतिमा का आधार बना है. इसलिए ये प्रतिमा, हमारी विविधता में एकता का भी जीवंत प्रतीक है. Also Read - जब ऑक्सीजन टैंकर की पूजा करने में लग गए बीजेपी नेता और मंत्री, कांग्रेस ने बोला हमला

आज ये प्रतिमा, सिर्फ भारतवासियों को ही नहीं, पूरे विश्व को आकर्षित कर रही है, प्रेरित कर रही है. आज इस प्रेरणा स्थली से, सरदार पटेल को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए संपूर्ण राष्ट्र गौरव का अनुभव कर रहा है. Also Read - पीएम मोदी ने वाराणसी के हालात का लिए जायजा, कहा- हॉस्पिटल में बेड, ICU और ऑक्सीजन का ठीक इंतेजाम हो

पीएम ने कहा, अब से कुछ देर पहले ही राष्ट्रीय एकता का संदेश दोहराने के लिए राष्ट्रीय एकता दौड़ संपन्न हुई है .देश के अलग-अलग शहरों में, गावों में, अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया है. यहां राष्ट्रीय एकता परेड का भी आयोजन किया गया है.इन भव्य आयोजनों में हिस्सा लेने वाले हर देशवासी का मैं अभिनंदन करता हूं.

पीएम ने कहा पूरी दुनिया में अलग-अलग देश, अलग-अलग पंथों, अलग-अलग विचारधाराओं, भाषाओं, रंग-रूप के आधार पर बने.एकरूपता, उन देशों की विशेषता रही, पहचान रही. लेकिन भारत की विशेषता है विविधता में एकता.

विविधता में एकता हमारा गर्व है, हमारा गौरव है
पीएम ने कहा, विविधता में एकता हमारा गर्व है, हमारा गौरव है, हमारी पहचान है. हमारे यहाँ विविधता को, diversity को सेलिब्रेट किया जाता है. हमें विविधता में विरोधाभास नहीं दिखता, बल्कि उसमें अंतर्निहित एकता का सामर्थ्य दिखता है. विविधता का सेलिब्रेशन, विविधता का उत्सव उसमें छुपी एकता का स्पर्श कराता है, उसे बाहर ला देता है. जब हम देश की अलग – अलग भाषाओं और सैकड़ों बोलियों पर गर्व करते हैं तो भाव का बंधन बन जाता है.

विविधता के हर अवसर को सेलिब्रेट करना है
पीएम ने कहा, जब हम विभिन्न पंथों-संप्रदायों की परंपराओं, आस्थाओं का सम्मान करते हैं तो सदभाव-स्नेहभाव में और वृद्धि हो जाती है .इसलिये हमें हर पल, विविधता के हर अवसर को सेलिब्रेट करना है. और यही Nation Building है.

ये वो ताकत है जो पूरी दुनिया में किसी और देश में नहीं मिलेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये वो ताकत है जो पूरी दुनिया में किसी और देश में नहीं मिलेगी. यहां दक्षिण से निकले आदि शंकराचार्य, उत्तर में मठों की स्थापना करते हैं. यहां बंगाल से निकले स्वामी विवेकानंद को देश के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी में नया ज्ञान प्राप्त होता है.

एकता की ये ताकत से भारतीयता का प्रवाह है
मोदी ने कहा, यहां पटना में प्रकट हुए गुरू गोबिंद सिंह, पंजाब में जाकर, देश की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना करते हैं. यहां रामेश्वरम में पैदा हुए एपीजे अब्दुल कलाम, दिल्ली में देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होते हैं. मैं मानता हूं कि अपनी एकता की इस ताकत का पर्व निरंतर मनाना बहुत आवश्यक है. एकता की ये ताकत ही है, जिससे भारतीयता का प्रवाह है.

…ये तीन-चार शब्द नहीं हैं
पीएम ने कहा, We the People of India, हम भारत के लोग, ये तीन-चार शब्द नहीं हैं, सिर्फ हमारे संविधान की शुरुआत नहीं हैं. ये हजारों वर्षों से चली आ रही भारतीयों की एकता का प्रतिबिंब है. जब विदेशी धरती पर मेडल जीतने के बाद तिरंगा लहराता है, तो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, महाराष्ट्र से लेकर मणिपुर तक, एक साथ रोमांचित हो उठता है, सबकी भवनाएं उभार पर आ जाती हैं.

चाणक्य के बाद सरदार पटेल ही थे
प्रधानमंत्री ने कहा, जब सरदार पटेल, पांच सौ से ज्यादा रिसायतों के एकीकरण के भगीरथ कार्य के लिए निकले थे, तो यही वो चुंबकीय शक्ति थी, जिसमें ज्यादातर राजे-रजवाड़े खिंचे चले आए थे. सरदार पटेल जब एकता का मंत्र लेकर निकले, तो सभी उसकी छत्रछाया में खड़े हो गए. पीएम ने कहा, हमेशा याद रखना होगा कि शताब्दियों पहले, तमाम रियासतों को साथ लेकर, एक भारत का सपना लेकर, राष्ट्र के पुनुरुद्धार का सफल प्रयास चाणक्य ने किया था.चाणक्य के बाद अगर ये काम कोई कर पाया तो वो सरदार पटेल ही थे.

विश्व मंच पर हमारा प्रभाव
पीएम ने कहा, आज विश्व मंच पर हमारा प्रभाव और सदभाव, दोनों बढ़ रहा है, तो उसका कारण हमारी एकता है. आज पूरी दुनिया, भारत की बात गंभीरता से सुनती है, तो उसका कारण हमारी एकता है. आज भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत है, तो उसका कारण, हमारी एकता है. 21वीं सदी में भारत की यही एकता, भारतीयों की यही एकता, भारत के विरोधियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है.

चुनौती देनेे वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब मिलता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं आज राष्ट्रीय एकता दिवस पर, प्रत्येक देशवासी को देश के समक्ष मौजूद ये चुनौती याद दिला रहा हूं. जो हमसे युद्ध में नहीं जीत सकते, वो हमारी इसी एकता को चुनौती दे रहे हैं. लेकिन वो भूल जाते हैं कि सदियों की ऐसी ही कोशिशों के बावजूद, हमें कोई मिटा नहीं सका, हमारी एकता को परास्त नहीं कर सका. जब हमारी विविधताओं के बीच, एकता पर बल देने वाली बातें होती हैं, तो इन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब मिलता है. जब हमारी विविधताओं के बीच, हम एकता के मार्ग पर चलते हैं, तो इन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब मिलता है.

आतंकवाद ने करीब 40 हजार लोगों की जान ले ली
पीएम मोदी ने कहा, सरदार साहेब के आशीर्वाद से, इन ताकतों को परास्त करने का एक बहुत बड़ा फैसला देश ने कुछ हफ्ते पहले ही लिया है. आर्टिकल 370 ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया. पूरे देश में जम्मू-कश्मीर ही एकमात्र स्थान था जहां आर्टिकल 370 था और पूरे देश में जम्मू-कश्मीर ही एकमात्र स्थान था जहां तीन दशकों में आतंकवाद ने करीब-करीब 40 हजार लोगों की जान ले ली.

370 ने एक अस्थाई दीवार बना रखी थी
प्रधानमंत्री ने कहा, दशकों तक हम भारतीयों के बीच इस आर्टिकल 370 ने एक अस्थाई दीवार बना रखी थी. हमारे जो भाई-बहन इस अस्थाई दीवार के उस पार थे, वो भी असमंजस में रहते थे.जो दीवार कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद बढ़ा रही थी, अब वो दीवार गिरा दी गई है.

 98 प्रतिशत पंचों-सरपंचों की भागीदारी एक बड़ा संदेश
पीएम ने कहा, कभी सरदार पटेल ने कहा था कि अगर कश्मीर का मसला उनके पास रहा होता, तो उसे सुलझने में इतनी देर नहीं होती.आज उनकी जन्म जयंती पर, मैं आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला, सरदार साहेब को समर्पित करता हूं. हमें इस बात की भी खुशी है कि आज से ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, एक नए भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.हाल ही में वहां, ब्लॉक डवलपमेंट काउंसिल के चुनाव में 98 प्रतिशत पंचों-सरपंचों की भागीदारी एक बड़ा संदेश है.

जम्मू-कश्मीर के लोगों के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे
प्रधानमंत्री ने कहा, अब जम्मू कश्मीर में एक राजनीतिक स्थिरता आएगी. अब निजी स्वार्थ के लिए सरकारें बनाने और गिराने का खेल बंद होगा. अब क्षेत्र के आधार पर भेदभाव के शिकवे और शिकायतें भी दूर होंगी. अब Co-Operative Federalism की असली भागीदारी देखने को मिलेगी. नए हाईवे, नई रेलवे लाइनें, नए स्कूल, नए कॉलेज, नए अस्पताल, जम्मू-कश्मीर के लोगों के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग
मोदी ने कहा मुझे खुशी है कि आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग द्वारा स्वीकृत भत्तों का लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नई व्यवस्थाएं ज़मीन पर लकीरें खींचने के लिए नहीं है, बल्कि विश्वास की एक मज़बूत कड़ी बनाने के लिए है.यही विश्वास है जिसकी कामना सरदार पटेल ने भी जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए की थी.

भारत की मज़बूती की कल्पना
पीएम ने कहा, सरदार साहेब की प्रेरणा से ही हम संपूर्ण भारत के Emotional, Economic और Constitutional Integration पर बल दे रहे हैं. ये वो प्रयास हैं, जिसके बगैर 21वीं सदी के विश्व में भारत की मज़बूती की कल्पना हम नहीं कर सकते.

गंभीर सवाल थे.लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं
प्रधानमंत्री ने कहा, एक समय था जब नॉर्थ ईस्ट और शेष भारत के बीच की अविश्वास की खाई कितनी गहरी होती जा रही थी. वहां की फिजिकल कनेक्टिविटी और इमोशनल कनेक्टिविटी, दोनों को लेकर गंभीर सवाल थे.लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं. आज नॉर्थ ईस्ट का अलगाव, लगाव में बदल रहा है.दशकों पुरानी समस्याएं अब समाधान की तरफ बढ़ रही हैं, हिंसा और ब्लॉकेड के एक लंबे दौर से पूरे नॉर्थ ईस्ट को मुक्ति मिल रही है.

श्रेष्ठ भारत का संकल्प पूरा होगा, नए भारत का निर्माण होगा
पीएम मोदी ने कहा, सरदार साहब कहते थे, भारत में स्थायित्व के लिए बहुत आवश्यक है- Unity of Pupose, Unity of Aims और Unity of Endeavour. हमारे उद्देश्यों में समानता हो, हमारे लक्ष्यों में समानता हो और हमारे प्रयासों में समानता हो. उन्‍होंने कहा, मैं संपूर्ण देश का आह्वान करता हूं, कि आइए हम उस पुरातन उद्घोष को याद करते हुए आगे बढ़ें, जिसने हमें हमेशा प्रेरित किया है. सं गच्छ-ध्वं, सं वद-ध्वं, सं वो मनांसि जानताम् यानि, हम सभी साथ मिलकर चलें, एक स्वर में बात करें, एक मन के साथ आगे बढ़ें. एकता का यही वो मार्ग है जिस पर चलते हुए, एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प पूरा होगा, नए भारत का निर्माण होगा.

पटेल की जयंती को “राष्ट्रीय एकता दिवस
बता दें हर साल 31 अक्टूबर को पटेल की जयंती को “राष्ट्रीय एकता दिवस” के तौर पर मनाया जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी. प्रधानमंत्री जब पटेल को पुष्पांजलि अर्पित कर रहे थे तभी भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर से दुनिया की इस सबसे बड़ी प्रतिमा पर फूल बरसाए गए. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल आज ही के दिन सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मौजूद लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई.