नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में और अधिक प्रयास करने के लिए भारतीय उद्योग जगत से आह्वान किया है. पीएम मोदी ने देश के निजी क्षेत्र से अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में योगदान देने और अधिक से अधिक निवेश करने के लिए कहा. एसोचैम के एक कार्यक्रम को वर्चुअल तौर पर संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Aatmnirbhar Bharat) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मैन्यूफैक्चरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. Also Read - अहमदाबाद और सूरत को मेट्रो ट्रेन का तोहफा, पीएम मोदी ने दो परियोजनाओं की आधारशिला रखकर कहा- बदलेगी सूरत

पीएम मोदी ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रॉफिट शेयरिंग के मामले में भारतीय उद्योग को सर्वोत्तम तरीके को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. जबकि किसान नए कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उसी समय में मोदी ने उद्योग और एसोचैम से विश्व स्तर पर भारतीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया. उन्होंने यह भी कहा कि हाल में हुए कृषि सुधारों ने लाभ देना भी शुरू कर दिया है. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने टाटा संस के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा को ‘एसोचैम एंटरप्राइज ऑफ द सेंचुरी अवार्ड’ भी दिया. Also Read - ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने G7 शिखरवार्ता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा न्योता, भारत को बताया ‘दुनिया की फार्मेसी’

महामारी के दौरान भारत में बड़े पैमाने पर हुए अन्य वैश्विक निवेशों के साथ-साथ विदेशी संस्थागत निवेशों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी निवेशकों और उद्योगों का ²ष्टिकोण बदल गया है. पहले वे सोचते थे ‘भारत में क्यों निवेश करें’ लेकिन अब वे सोचते हैं ‘क्यों न भारत में निवेश करें’. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में नई प्रौद्योगिकियां चुनौतियां और उनके समाधान दोनों लेकर आएंगी. Also Read - भारत में टीकाकरण शुरू होने पर इस देश के प्रधानमंत्री ने कहा कुछ ऐसा, पीएम मोदी ने दिया ये जवाब